नीट पेपर लीक: CBI फास्ट ट्रैक कोर्ट में जरूरी दस्तावेज नहीं दे सकी, सुनवाई 3 अगस्त तक टली

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नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई फिर टली, जरूरी दस्तावेज नहीं दे सकी CBI; 3 अगस्त अगली तारीख

नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होने के बावजूद केस रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। वजह यह है कि सीबीआई अब तक अदालत में सभी जरूरी दस्तावेज और गवाहों के बयानों की सूची पेश नहीं कर सकी है।

सीबीआई ने मामले में करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, लेकिन कुछ अहम दस्तावेज और बयानों की सूची अभी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। दस्तावेजों के अभाव में विशेष न्यायाधीश अनु गोयल बलीगा ने सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत ने सीबीआई को तीन दिनों के भीतर सभी लंबित दस्तावेज और गवाहों की सूची जमा करने का निर्देश भी दिया है।

चार्जशीट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) या किसी सरकारी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। हाल ही में नियुक्त विशेष लोक अभियोजक वीके पाठक और अर्जुन आनंद इस मामले में सीबीआई की ओर से पैरवी करेंगे।

सीबीआई का दावा है कि उसने पेपर लीक की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों से लेकर बिचौलियों और लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों तक पूरी कड़ी की पहचान कर ली गई है।

360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्य

सीबीआई के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। एजेंसी का कहना है कि इन्हीं सबूतों के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

72 अधिकारियों की टीम, 92 जगहों पर छापेमारी

जांच के लिए सीबीआई ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें गठित कीं, जिनके साथ आठ साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे। जांच के दौरान दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान डिजिटल उपकरण, अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जबकि आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता भी फ्रीज किया गया।

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