48 घंटे में स्पेन का बड़ा एक्शन, हजारों अवैध प्रवासियों को सीमा पार भेजकर हालात पर पाया काबू

0

स्पेन ने उत्तरी अफ्रीका स्थित अपने स्वायत्त शहर स्यूटा (Ceuta) में बड़े पैमाने पर हुई अवैध घुसपैठ के बाद महज 48 घंटे के भीतर स्थिति पर काफी हद तक नियंत्रण पाने का दावा किया है।

स्पेन सरकार के अनुसार, अनियमित तरीके से सीमा पार कर स्यूटा पहुंचे करीब 50,000 लोगों में से 48,000 से अधिक को मोरक्को वापस भेज दिया गया है या वे स्वयं लौट गए हैं।

स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, 30 जुलाई को बड़ी संख्या में प्रवासियों ने मोरक्को की ओर से स्यूटा में प्रवेश किया। यह संख्या शहर की कुल आबादी का बड़ा हिस्सा थी, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने अभूतपूर्व चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद स्पेन ने मोरक्को के साथ समन्वय स्थापित कर तेजी से वापसी अभियान शुरू किया।

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि सरकार ने सीमा पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराई गई, अनियमित रूप से प्रवेश करने वाले अधिकांश लोगों को वापस भेजा गया और उन्हें यूरोप के अन्य देशों की ओर बढ़ने से भी रोका गया।

कैसे चला अभियान?

अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रवासियों ने मोरक्को के तट से तैरकर या समुद्री ब्रेकवाटर पार कर स्यूटा में प्रवेश करने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने पानी की बौछार, आंसू गैस और चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग का सहारा लिया। अभियान के दौरान स्पेनिश सेना, अतिरिक्त पुलिस बल और सीमा सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया, जबकि मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी सीमा पर कार्रवाई तेज की।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कुछ प्रवासियों की डूबने और भगदड़ में मौत भी हुई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की जान बचाने और हालात को जल्द सामान्य बनाने की रही।

सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा

स्यूटा के प्रशासन प्रमुख जुआन जेसुस विवास ने इस स्थिति को “असहनीय” बताते हुए मानव तस्करी नेटवर्क को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि तस्कर बेहतर जीवन का झांसा देकर लोगों, खासकर युवाओं, को जान जोखिम में डालने के लिए उकसाते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पेन ने सीमा पर करीब 500 मीटर लंबा अस्थायी इनफ्लेटेबल बैरियर भी स्थापित किया है।

यूरोप में बढ़ी चिंता

घटना के बाद इटली और फ्रांस ने स्पेन से आने वाले लोगों की जांच और कड़ी कर दी है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि खतरनाक सीमा पार करने की घटनाओं को तुरंत रोकना, मानव तस्करी नेटवर्क को खत्म करना और अवैध प्रवासियों की वापसी प्रक्रिया को तेज करना आवश्यक है।

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी इस घटना को यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए कहा कि अवैध आव्रजन से निपटने के लिए यूरोपीय देशों को साझा और सख्त रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने उन 22 यूरोपीय संघ देशों के संयुक्त पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें बाहरी सीमाओं को मजबूत करने, मानव तस्करी पर रोक लगाने और अवैध प्रवासियों की वापसी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की गई है।

Comments are closed.