IGKV पेपर लीक केस में प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, सील खोले बिना एंडोस्कोप से बनाया प्रश्नपत्र का वीडियो
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने एक प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपित अभी फरार हैं। गिरफ्तार सभी आरोपितों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र का लिफाफा खोले बिना एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से उसकी रिकॉर्डिंग की। इसके बाद वीडियो देखकर प्रश्नपत्र को हाथ से तैयार किया गया और छात्रों तक पहुंचाया गया।
11 हजार रुपये में बेचा गया प्रश्नपत्र
पुलिस के मुताबिक, लीक हुआ प्रश्नपत्र छात्रों को 11 हजार रुपये में बेचा गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और इसमें जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी प्रोफेसर ने सिर्फ 20 अगस्त को होने वाली एंटोमोलॉजी परीक्षा का पेपर ही लीक नहीं किया था। इससे पहले 8 अगस्त को होने वाली पैथोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र भी कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया था। हालांकि, उस समय पेपर सार्वजनिक नहीं हुआ था।
घर ले गया था प्रश्नपत्रों का लिफाफा
पुलिस के अनुसार, योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। 17 अगस्त को वह जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय से आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेकर अपने घर गया था।
आरोप है कि उसने सील से छेड़छाड़ किए बिना लिफाफे में एक बेहद छोटा छेद किया और उसके जरिए एंडोस्कोपिक कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र का वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो देखकर उसने प्रश्नपत्र हाथ से लिखा और उसे छात्रों तक पहुंचाया।
जांच में सामने आया है कि अजय नाम के एक छात्र ने प्रश्नपत्र की सामग्री आगे कई छात्रों तक पहुंचाई थी।
परीक्षा से दो घंटे पहले सामने आया पेपर लीक
20 अगस्त को एजीसीएच-221 की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पहुंची। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।
छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी वाट्सएप पर प्रश्नपत्र के कुछ सवाल प्रसारित होने की जानकारी दी। पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ विज्ञानी और स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और प्रश्नपत्रों की बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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