फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज: सैकड़ों स्कूलों पर ताले, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
फ्रांस में छात्र आंदोलन तीसरे सप्ताह में पहुंचा, सैकड़ों स्कूल प्रभावित; पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर छोड़े आंसू गैस के गोले
फ्रांस में शिक्षा के लिए अधिक बजट और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। राजधानी पेरिस समेत देश के कई हिस्सों में गुरुवार को भी प्रदर्शन हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। आंदोलन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।
उत्तर-पूर्वी पेरिस में गुरुवार को छात्रों ने कूड़ेदानों की मदद से एक हाई स्कूल के बाहर अवरोधक खड़े कर दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इससे पहले मंगलवार को भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की थी, जब स्कूली छात्रों के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन हुए थे।
पेरिस में कई जगहों पर प्रदर्शन और झड़प
गुरुवार को पेरिस का हेलेन बाउचर हाई स्कूल विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई का प्रमुख केंद्र रहा। वहीं, बैस्टिल स्क्वायर इलाके में दोपहर के समय हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। यहां भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शनों के कारण देशभर में सैकड़ों स्कूलों का कामकाज प्रभावित हुआ। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार को 375 स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहे। इससे छात्रों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा।
सितंबर से अब तक 6,600 से अधिक गिरफ्तारियां
फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, सितंबर में आंदोलन शुरू होने के बाद से पुलिस 6,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
शिक्षा मंत्री ने तत्काल कदम उठाने का दिया भरोसा
आंदोलन के बीच फ्रांस के शिक्षा मंत्री ने छात्रों और शिक्षकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्र स्कूलों की खराब स्थिति, कर्मचारियों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त संसाधनों के अभाव को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा के लिए अधिक फंडिंग, स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और कर्मचारियों की कमी दूर करना शामिल है।
लगातार तीसरे सप्ताह में पहुंच चुके इस आंदोलन के बीच अब सरकार की अगली कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर होने वाले फैसलों पर सबकी नजर है।
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