यूपी में प्रदूषण के विरोध के दौरान फैक्ट्री मालिक की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुराने टायरों को पिघलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर विवाद हिंसक हो गया। ग्रामीणों के हमले में फैक्ट्री मालिक अरबीन चौहान की मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त और साझेदार सादिक तथा संजय नामक एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक अन्य को हिरासत में लिया है।
फैक्ट्री बंद कराने पहुंचे थे ग्रामीण
अरबीन चौहान की ग्रीन फ्यूल नाम से फैक्ट्री संचालित थी। आसपास के ग्रामीण फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर नाराजगी जता रहे थे। शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे कई ग्रामीण फैक्ट्री पहुंचे और चौकीदार किशन सिंह से गाली-गलौज करते हुए फैक्ट्री बंद करने की मांग की।
चौकीदार ने इसकी जानकारी फैक्ट्री मालिक अरबीन को दी। इसके बाद अरबीन अपने दोस्त और साझेदार सादिक के साथ मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि ग्रामीणों ने लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस घटना में अरबीन, सादिक और संजय घायल हो गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलने पर गंगोह थाना प्रभारी इंद्रेश चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अरबीन की मौत हो गई।
एसपी देहात मयंक पाठक के अनुसार, पुलिस ने नीरज, पंकज और मेम कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संजय को हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
परिजनों ने लगाया रुपये मांगने का आरोप
अरबीन के चाचा इकराम ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद से कुछ लोग उनसे रुपये मांगते थे। उनके मुताबिक, मांग पूरी नहीं होने पर गाली-गलौज और विवाद किया जाता था। इकराम का दावा है कि अरबीन तीन बार रुपये दे चुके थे, लेकिन इसके बावजूद मांग जारी रही।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रुपये नहीं देने के कारण अरबीन की हत्या की गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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