नीला ड्रम हत्याकांड: साहिल और मुस्कान की सजा पर आज फैसला, सौरभ के परिवार ने की ये मांग

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नीला ड्रम हत्याकांड: साहिल और मुस्कान की सजा पर आज कोर्ट में फैसला, सौरभ के परिजनों ने की फांसी की मांग

चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत दोषी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की सजा पर फैसला सुनाएगी। दोनों दोषी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल होंगे। वहीं, सौरभ की मां और भाई ने दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में आपसी विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे। इसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ रहती है। इस दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के पुराने सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई।

बाद में परिवार के हस्तक्षेप से सौरभ और मुस्कान के बीच समझौता हो गया और दोनों फिर से साथ रहने लगे। इसके कुछ समय बाद सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चला गया। उसकी गैरमौजूदगी में मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। 24 फरवरी 2025 को सौरभ भारत लौटा, लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने भयावह रूप ले लिया।

3 मार्च की रात हुई थी सौरभ की हत्या

पुलिस के मुताबिक, साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। तीन मार्च की रात कथित तौर पर सौरभ को सब्जी में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद चाकू से उसके दिल और गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि दोनों ने शव के चार टुकड़े किए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में डालकर छिपा दिया।

वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए। 17 मार्च को वापस लौटने के बाद 18 मार्च को मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सौरभ का शव नीले ड्रम से बरामद किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

577 दिन बाद दोषी ठहराए गए थे दोनों

मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर को साहिल और मुस्कान को दोषी करार दिया था। मुकदमे के ट्रायल में आने के 577 दिन बाद आए इस फैसले के बाद अब अदालत दोनों की सजा तय करेगी।

जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे के अनुसार, अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग करेगा। सजा सुनाने से पहले अदालत दोनों दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देगी। इसके बाद अदालत उनकी सजा पर अंतिम निर्णय सुनाएगी।

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