मंगल के चंद्रमाओं से नमूने लाने निकला जापान, ऐतिहासिक MMX मिशन लॉन्च

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जापान ने मंगल ग्रह के रहस्यमयी चंद्रमाओं की पड़ताल करने और वहां से मिट्टी व चट्टानों के नमूने पृथ्वी पर लाने के लिए अपना महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किया है।

मंगलवार को रवाना हुआ यह अंतरिक्ष यान मार्सियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) मिशन का हिस्सा है। करीब पांच साल तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य मंगल के चंद्रमा फोबोस से नमूने इकट्ठा कर उन्हें पृथ्वी पर वापस लाना है।

मंगल के चंद्रमा फोबोस पर उतरेगा रोवर
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के नेतृत्व में इस मिशन को तनेगाशिमा द्वीप स्थित जापान के प्रमुख अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। इसमें दुनिया की पांच अंतरिक्ष एजेंसियां सहयोग कर रही हैं।

मिशन के तहत मंगल के दो छोटे चंद्रमाओं में से बड़े और ग्रह के अधिक नजदीक स्थित फोबोस पर एक रोबोटिक जांच उपकरण और रोवर उतारने की योजना है। इस अभियान के जरिए वैज्ञानिक चंद्रमा की सतह का अध्ययन करेंगे और वहां से नमूने एकत्र करेंगे।

2031 तक पृथ्वी पर लौट सकते हैं नमूने
मिशन सफल रहने पर फोबोस की धूल, मिट्टी और चट्टानों के टुकड़े वर्ष 2031 तक पृथ्वी पर लाए जा सकते हैं। नासा के खगोल भौतिक विज्ञानी टॉम स्टैटलर ने इस अभियान को लेकर उत्साह जताया है।

अब तक कई देश मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्ष यान उतार चुके हैं, लेकिन उसके दोनों चंद्रमाओं—फोबोस और डीमोस—पर कोई मिशन सफलतापूर्वक नहीं पहुंचा है। इन चंद्रमाओं से नमूने लाकर पृथ्वी पर पहुंचाने का प्रयास भी पहले सफल नहीं हुआ है।

22 किलोमीटर चौड़ा है फोबोस
फोबोस आलू के आकार की एक ऊबड़-खाबड़ चट्टानी संरचना है, जिसका व्यास लगभग 22 किलोमीटर है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इसके नमूनों का विश्लेषण मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति और उनके निर्माण की प्रक्रिया को समझने में मदद करेगा। इससे सौरमंडल में दूसरे चंद्रमाओं के बनने से जुड़े सवालों के जवाब मिलने की भी संभावना है।

जापान को इस तरह के अभियानों का अनुभव है। वह इससे पहले दो बार क्षुद्रग्रहों से नमूने सफलतापूर्वक पृथ्वी पर ला चुका है।

पांच टन का अंतरिक्ष यान, फ्रांसीसी-जर्मन रोवर भी शामिल
करीब 578 मिलियन डॉलर की लागत वाले MMX मिशन में लगभग पांच टन वजनी अंतरिक्ष यान भेजा गया है। योजना के अनुसार, यह यान मंगल की कक्षा तक पहुंचने के बाद फोबोस के आसपास की कक्षा के अनुरूप अपनी स्थिति बनाएगा।

इसके बाद यान से फ्रांस और जर्मनी के सहयोग से तैयार किया गया आइडफिक्स (Idefix) रोवर फोबोस की सतह पर उतारा जाएगा। इसका नाम लोकप्रिय फ्रांसीसी कॉमिक्स एस्टेरिक्स के एक सफेद टेरियर कुत्ते के नाम पर रखा गया है।

इस मिशन से मिलने वाले नमूने मंगल के चंद्रमाओं के इतिहास, उनकी संरचना और उनकी उत्पत्ति से जुड़े वैज्ञानिक रहस्यों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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