जनगणना 2027 को लेकर सरकार अलर्ट, सोशल मीडिया पर 24 घंटे रहेगी नजर; राज्यों को जारी हुए निर्देश

2

देश में जनगणना की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर लगाम लगाने की तैयारी तेज कर दी है।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इंटरनेट मीडिया की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जनगणना से जुड़ी गलत सूचनाओं का समय रहते पता लगाना और तत्काल सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

जनगणना से जुड़ी अफवाहों पर रहेगी नजर
निर्देशों के मुताबिक, निगरानी केंद्र सोशल मीडिया पर जनगणना से संबंधित पोस्ट, भ्रामक दावों और स्थानीय स्तर पर फैलने वाली गलतफहमियों पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह की गलत जानकारी सामने आने पर संबंधित अधिकारी तुरंत तथ्य-जांच कर सही जानकारी जारी कर सकेंगे।

जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की शुरुआत से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
देश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और आवास संबंधी जानकारी जुटाने का काम होगा, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।

दूसरे चरण के दौरान जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से जानकारी लेंगे। इसके साथ ही नागरिकों को डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा के बारे में बताया जाएगा, जिसके जरिए वे स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।

प्रचार अभियान में लोगों को यह जानकारी भी दी जाएगी कि जनगणना कर्मचारी घर आने पर किस प्रकार के सवाल पूछेंगे और पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाएगी।

लोगों की जानकारी रहेगी गोपनीय
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को जनगणना में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और उनकी जानकारी की गोपनीयता के बारे में भरोसा दिलाया जाए। जनगणना कानून के तहत जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करने के प्रावधानों के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा।

अखबारों से लेकर WhatsApp तक चलेगा प्रचार
जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर प्रचार अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अखबारों, टीवी विज्ञापनों, डिजिटल सिनेमा स्क्रीन, मोबाइल ऐप और परिवहन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके अलावा, जनगणना से संबंधित वीडियो और लोगों की गलतफहमियां दूर करने वाली सामग्री WhatsApp और SMS के जरिए भी साझा की जाएगी। राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार प्रचार रणनीति तैयार करने की सलाह दी गई है, ताकि नागरिक जनगणना की प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें और इसमें सक्रिय भागीदारी कर सकें।

Comments are closed.