मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर स्पीकर का बयान, महाभियोग प्रस्ताव की जांच नियमों के तहत होगी

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CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग के बीच ओम बिरला का बयान, महाभियोग प्रस्ताव पर नियमों के तहत होगी जांच

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए नया महाभियोग प्रस्ताव लाता है, तो उस पर संसद के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार विचार किया जाएगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच उनका यह बयान सामने आया है।

विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर पिछले कुछ समय से राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन तेज हुए हैं।

पहले भी हो चुके हैं महाभियोग के प्रयास
ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष पहले भी दो बार प्रयास कर चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले प्रयास से जुड़े नोटिस लोकसभा और राज्यसभा दोनों में खारिज कर दिए गए थे। वहीं, दूसरे प्रयास के नोटिस राज्यसभा में लंबित बताए गए हैं।

पत्रकारों ने जब लोकसभा अध्यक्ष से सीईसी के खिलाफ एक और महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने की संभावना पर सवाल किया, तो बिरला ने कहा कि कोई नया नोटिस मिलने पर उस पर नियमों और निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

इस विवाद के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से संबंधित फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ आदेशों को लेकर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किया गया। इन दावों ने चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और SIR के संचालन को लेकर बहस तेज कर दी है।

नए प्रस्ताव पर अब सबकी नजर
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग के बीच लोकसभा अध्यक्ष के बयान ने संभावित नए प्रस्ताव को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। हालांकि, किसी नए नोटिस पर विचार तभी किया जाएगा, जब वह औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। फिलहाल, SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक विवाद जारी है।

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