अमेरिका में गिरफ्तार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, भारत प्रत्यर्पण की तैयारी; लॉरेंस बिश्नोई से है दुश्मनी
भारत में हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। हिमांशु लंबे समय से दिल्ली और हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल था।
हिमांशु भाऊ के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उसे भारत लाने और उसकी कस्टडी हासिल करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं।
एल्विश यादव के घर पर गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा
हिमांशु भाऊ पर हत्या, अपहरण और जबरन वसूली समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। उसके गैंग का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला बताया जाता है। इसी गैंग ने कथित तौर पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी ली थी।
पुलिस जांच के अनुसार, भारत से फरार होने के लिए हिमांशु भाऊ ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के जरिए फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद वह पुर्तगाल में छिपकर अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसे दिल्ली के नीरज बवानिया और नवीन बाली गैंग से भी जुड़ा बताया जाता है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से क्यों है टकराव?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बढ़ते प्रभाव के बीच हिमांशु भाऊ ने दिल्ली-NCR और हरियाणा में अपना अलग नेटवर्क खड़ा किया। दोनों गैंगों के बीच प्रतिद्वंद्विता को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रही हैं।
हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी को भारतीय एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो यहां दर्ज मामलों में उससे पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, भारत लाने की प्रक्रिया और प्रत्यर्पण की समय-सीमा को लेकर अंतिम स्थिति अमेरिकी अधिकारियों और संबंधित भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
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