ब्राजील में चुनावी हार के बाद फ्लेवियो बोल्सोनारो पर कार्रवाई, 24 घंटे में पासपोर्ट जमा करने का आदेश
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से हारने के बाद सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, उनके देश छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। यह गोपनीय आदेश सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस ने जारी किया है।
ब्राजील की सरकारी समाचार एजेंसी ‘एजेंसिया ब्रासिल’ के मुताबिक, यह कार्रवाई फेडरल पुलिस की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा के कथित अवैध लेनदेन की जांच के तहत की गई है। अदालत के आदेश में फ्लेवियो के सामान्य और राजनयिक, दोनों तरह के पासपोर्ट रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच अदालत का सख्त कदम
अदालत के आदेश में फ्लेवियो बोल्सोनारो को उनके वकील विलर टोमाज से संपर्क करने से भी रोक दिया गया है। टोमाज भी सीनेटर के साथ जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दायरे में हैं। जांच में सट्टेबाजी कंपनियों से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
पासपोर्ट रद्द करने और विदेश यात्रा पर रोक लगाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब फ्लेवियो राष्ट्रपति चुनाव में अपनी हार के बाद राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
पिता से मिलने पहुंचे तो मिला नोटिस
फ्लेवियो बोल्सोनारो ने सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में अदालत के आदेश की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन्हें यह नोटिस उस समय मिला, जब वह अपने पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो से मिलने गए थे। जायर बोल्सोनारो फिलहाल ब्रासीलिया में हाउस अरेस्ट में हैं।
वीडियो में फ्लेवियो ने कहा कि उन्हें सड़क पर ही पासपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया और साथ ही देश छोड़ने पर रोक की जानकारी दी गई।
उन्होंने दावा किया कि यह फैसला उनके भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो की एक टिप्पणी के आधार पर लिया गया। एडुआर्डो ने पिछले शुक्रवार को एक पॉडकास्ट में कहा था कि यदि फ्लेवियो चुनाव हार जाते हैं, तो उन्हें ब्राजील छोड़ देना चाहिए।
फ्लेवियो ने इस टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कहा, “मैंने ऐसा कभी नहीं कहा।” उन्होंने देश छोड़कर भागने की किसी भी योजना से इनकार किया।
लूला को 51.79 प्रतिशत वोट, फ्लेवियो को 48.21 प्रतिशत
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया। सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लेवियो के खाते में 48.21 प्रतिशत वोट आए।
हार के बाद फ्लेवियो ने भारी बारिश और परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण मतदान का समय बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने चुनाव परिणाम रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में उनके साथ असमान व्यवहार हुआ। हालांकि, बाद में उनकी लिबरल पार्टी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार कर लिया।
सीनेटर का कार्यकाल खत्म होने से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पासपोर्ट पर लगी पाबंदियों ने फ्लेवियो की कानूनी चुनौतियों को और गंभीर बना दिया है। उनके खिलाफ एक अलग मामले में भी जांच चल रही है, जिसमें उनके पिता की बायोपिक के लिए कथित तौर पर धन जुटाने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
फ्लेवियो का सीनेटर के रूप में कार्यकाल अगले साल की शुरुआत में समाप्त होने वाला है। इसके बाद उन्हें पद के कारण मिलने वाले विशेष कानूनी संरक्षण पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में उनके खिलाफ चल रही जांच और अदालत की मौजूदा पाबंदियां उनके लिए आगे और मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।
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