अमेरिका के बाद ब्रिटेन में भी अवैध लोगों की धरपकड़ तेज, भारतीय रेस्तरां निशाने पर; अब तक 607 गिरफ्तार
अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में अवैध रूप से रह रहे लोगों की धरपकड़ का सिलसिला शुरू हो गया है।
भारतीय रेस्तरां, नेल बार, किराने की दुकानों और कार वाश अब ब्रिटेन के गृह विभाग के निशाने पर है। ब्रिटेन के गृह विभाग ने अवैध कामगारों के इन स्थानों को देश के ऐसे इलाके बताया है जहां घातक हमला हुआ हो।
828 परिसरों पर छापे
ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेटे कूपर ने बताया कि उनके आव्रजन विभाग ने जनवरी में ही 828 परिसरों पर डाले छापों में 609 लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले साल जनवरी के मुकाबले यह धरपकड़ में 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
ब्रिटेन के गृह विभाग के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से मिली खुफिया जानकारियों के आधार पर पिछले महीने कई रेस्तरां, टेकअवे और कैफे में छापेमारी की। इसके अलावा खाद्य, पेय और तंबाकू उद्योग से जुड़े ठिकानों पर भी धरपकड़ की गई है।
भारतीय रेस्तरां से सात लोग गिरफ्तार
उत्तरी इंग्लैंड के हंबरसाइड स्थित एक भारतीय रेस्तरां से सात गिरफ्तारियां हुई हैं और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। पिछले एक साल में कुल 1090 सिविल नोटिस जारी किए गए थे। अगर नियोक्ताओं को दोषी पाया गया तो उन्हें भी प्रति कर्मचारी 60 हजार पाउंड देना होगा।
आव्रजन नियमों का पालन होना चाहिए
कूपर ने कहा कि आव्रजन के नियमों का सम्मान हो और उनका पालन किया जाना चाहिए। लेकिन एक अरसे से यहां नियोक्ता अवैध आव्रजकों का शोषण करते रहे हैं और बहुत से लोग अवैध रूप से आने में कामयाब रहे और अब तक उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी। छोटी नौकाओं से इंग्लिश चैनल पार करके आने वालों से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचा है।