महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित एक विस्फोटक फैक्ट्री में रविवार सुबह हुए भीषण धमाके में 19 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य घायल हो गए।
धमाका इतना तेज था कि पूरी इमारत आग की लपटों में घिर गई और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा SBL Energy Limited की फैक्ट्री में हुआ, जहां डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में विस्फोट बताया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले और घायल होने वालों में ज्यादातर महिलाएं बताई जा रही हैं। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस
जांच के दौरान Nagpur ग्रामीण पुलिस ने 10 फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। इनमें कंपनी के दो मैनेजिंग डायरेक्टर भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम आरोपियों को देश छोड़कर भागने से रोकने और जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया गया है।
जांच के लिए कई टीमें गठित
मामले की जांच के लिए पांच विशेष टीमें बनाई गई हैं। इनमें से तीन टीमें एसडीपीओ संतोष गायकवाड़ के नेतृत्व में अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। एक टीम छत्तीसगढ़ जाकर क्रॉस-बॉर्डर सुरागों की जांच कर रही है, जबकि दूसरी टीम महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में संभावित आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस अब तक कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपियों को अदालत ने छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामला Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 105 के तहत दर्ज किया गया है, जो गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है।
तकनीकी एजेंसियां भी कर रहीं जांच
हादसे की वजह जानने के लिए Petroleum and Explosives Safety Organisation और Directorate of Industrial Safety and Health ने भी जांच शुरू कर दी है। दोनों एजेंसियों ने फिलहाल फैक्ट्री के संचालन पर रोक लगा दी है।
फोरेंसिक टीम ब्लास्ट साइट से मिले अवशेष, केमिकल ट्रेस, स्टोरेज व्यवस्था और इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जांच कर रही है, ताकि विस्फोट की असली वजह का पता लगाया जा सके।
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