पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़, जो अब अपनी पहचान अनाया बांगड़ के रूप में कर चुकी हैं, ने जेंडर चेंज सर्जरी के बाद अपनी एक साल की भावनात्मक जर्नी सोशल मीडिया पर साझा की है।
अनाया सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़े अनुभव बेझिझक फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। साल 2025 अनाया के लिए किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी से लेकर रियलिटी शो में हिस्सेदारी तक, उनकी ज़िंदगी में कई बड़े बदलाव आए। हाल ही में अनाया ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरों के साथ एक लंबा पोस्ट शेयर कर जनवरी से दिसंबर तक के सफर को बयां किया।
कैसा रहा अनाया के लिए 2025
अनाया ने लिखा, “2025 आसान नहीं था। इसकी शुरुआत ऐसी लड़ाइयों से हुई जिन्हें कोई देख नहीं सकता था। जनवरी सर्वाइवल का महीना था, जहां मैं अपने डर, अपने अतीत और उन उम्मीदों से जूझ रही थी जिनका बोझ मेरा नहीं था।”
उन्होंने आगे बताया कि अप्रैल में वह अपने असली रूप में भारत लौटीं। “यह वापसी पूरी थी—ना चुपचाप, ना अधूरी। कहीं प्यार मिला, कहीं विरोध, और यहीं मैंने सीखा कि हिम्मत हमेशा शोर नहीं करती, कभी-कभी बस डटे रहना ही हिम्मत होती है।”
सर्जरी और पहचान का संघर्ष
अनाया के मुताबिक अगस्त का महीना सबसे कठिन रहा। उन्होंने लिखा, “अगस्त ने मुझसे सब कुछ ले लिया। दो जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी, दर्द, सब्र और कमजोरी। एक पुराने शरीर और पहचान को पीछे छोड़ना और यह भरोसा करना कि यह बेचैनी इसके लायक है।”
रियलिटी शो और क्रिकेट से जुड़ाव
सितंबर में अनाया पहली बार बड़े स्तर पर दुनिया के सामने आईं। रियलिटी शो राइज एंड फॉल में डेब्यू को लेकर उन्होंने कहा कि पहचान मिलना जितना आकर्षक होता है, उतना ही यह इंसान को बेनकाब भी कर देता है। “मैंने सीखा कि लोग कितनी जल्दी जज करते हैं और शोर के बीच खुद से जुड़े रहना कितना जरूरी है।”
अनाया ने बताया कि नवंबर में वह फिर क्रिकेट की ओर लौटीं। “तारीफ या तालियों के लिए नहीं, बल्कि खुद को यह याद दिलाने के लिए कि कुछ सपने मरते नहीं, बस सही वक्त का इंतजार करते हैं।”
Comments are closed.