भरत तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता से पूछे दो सवाल

0

भरत तिवारी एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, हाई कोर्ट जाने को कहा

बिहार के भोजपुर में भारत भूषण तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को मामले में पटना हाई कोर्ट का रुख करने की अनुमति दी।

याचिका में कथित फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई थी।

जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील विशाल तिवारी ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग की।

इस पर अदालत ने सबसे पहले पूछा कि जब मामला हाई कोर्ट में उठाया जा सकता है तो सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट उपयुक्त मंच है।

याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि इस मुद्दे से जुड़ी एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और मामला गंभीर होने के कारण शीर्ष अदालत को ही सुनवाई करनी चाहिए।

इसके बाद कोर्ट ने दूसरा सवाल किया कि याचिकाकर्ता की इस मामले में क्या भूमिका है। जब जवाब मिला कि यह जनहित याचिका (PIL) है, तो पीठ ने सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो पटना हाई कोर्ट जा सकते हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि 17 जून को भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान भारत भूषण तिवारी की फर्जी एनकाउंटर में हत्या की गई। याचिकाकर्ता ने मृतक के पिता के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि आत्मसमर्पण करने के बाद भी पुलिस ने उन्हें गोली मार दी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले के आरोपों या तथ्यों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की और केवल यह कहते हुए याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि पहले हाई कोर्ट का रुख किया जाए।

गौरतलब है कि बिहार सरकार इस घटना की न्यायिक जांच की घोषणा पहले ही कर चुकी है।

Comments are closed.