हंटावायरस संक्रमण की आशंका के बीच प्रभावित क्रूज जहाज से यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की निकासी रविवार को शुरू हो गई।
यह प्रक्रिया वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में चल रही है और सोमवार तक जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी भी यात्री में वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
यात्रियों को सैन्य बसों के जरिए टेनेरिफ हवाई अड्डे पहुंचाया गया, जहां से विभिन्न देशों द्वारा भेजे गए विशेष विमानों से उन्हें उनके देशों के लिए रवाना किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निकासी के दौरान यात्रियों का आम जनता से कोई संपर्क नहीं होने दिया जाएगा।
World Health Organization ने जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों के लिए 42 दिन के क्वारंटाइन की सिफारिश की है। स्पेन और फ्रांस अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेज चुके हैं। स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री Mónica García ने बताया कि कनाडा, नीदरलैंड, ब्रिटेन, तुर्किये, आयरलैंड और अमेरिका भी जल्द अपने नागरिकों को वापस ले जाएंगे।
डच विमान जर्मनी, बेल्जियम और ग्रीस के नागरिकों को भी लेकर जाएगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया से आने वाला एक विशेष विमान ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कुछ एशियाई देशों के यात्रियों को लेकर सोमवार तक रवाना होगा।
अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों को अपना अधिकांश सामान जहाज पर ही छोड़ना होगा। उन्हें केवल जरूरी दस्तावेज, मोबाइल फोन, चार्जर और आवश्यक वस्तुओं वाला छोटा बैग साथ ले जाने की अनुमति दी गई है। जहाज पर 30 चालक दल के सदस्य और एक यात्री का शव फिलहाल मौजूद रहेगा। बाद में चालक दल को नीदरलैंड भेजा जाएगा, जहां जहाज को पूरी तरह डिसइंफेक्ट किया जाएगा।
स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा है कि यूरोप में इस बीमारी का प्रकोप पहले कभी दर्ज नहीं किया गया है। मंत्रालय के अनुसार अर्जेंटीना और चिली जैसे देशों से हर साल सैकड़ों क्रूज जहाज यूरोप पहुंचते हैं, लेकिन ऐसी घटना बेहद दुर्लभ मानी जाती है। जांच के दौरान जहाज पर किसी चूहे के मौजूद होने के भी प्रमाण नहीं मिले हैं।
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