दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजना मनरेगा की जगह प्रस्तावित नए “विकसित भारत–जी राम जी” कानून को लेकर सियासत तेज़ होती जा रही है। शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) ने इसके विरोध में “मनरेगा बचाओ अभियान” लॉन्च करने का ऐलान कर दिया।
CWC की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी मनरेगा को केंद्र में रखकर देशभर में बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा,
“हमने यह शपथ ली है कि मनरेगा योजना को प्रमुख मुद्दा बनाकर देश में एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ की शुरुआत करेगी और महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम की हर हाल में रक्षा करेगी।”
कांग्रेस पर मोदी सरकार का पलटवार
कांग्रेस के ऐलान के बाद मोदी सरकार ने पलटवार किया है। केंद्र सरकार ने आरोप लगाया कि ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायतों के अधिकार और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, भ्रम फैला रही है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने “विकसित भारत–जी राम जी योजना” के जरिए ग्रामीण भारत और मजदूरों के अधिकारों को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक मजबूत किया है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी रही। अब हम पूरी पारदर्शिता के साथ नया रोजगार गारंटी कानून लेकर आए हैं, जिससे मजदूरों को वास्तविक लाभ मिलेगा।”
मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए मनरेगा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए मनरेगा के साथ महात्मा गांधी का नाम जोड़ा, जबकि यूपीए सरकार के दौरान कई बार इसका बजट घटाया गया।
उन्होंने कहा, “अब वही कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है।”
नए कानून में क्या प्रावधान
“विकसित भारत–जी राम जी” कानून का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मांग-आधारित रोजगार व्यवस्था को कमजोर नहीं किया गया है। नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों की जगह 125 दिनों की वैधानिक रोजगार गारंटी दी जा रही है।
इसके अलावा, तय समय में काम न मिलने पर अनिवार्य बेरोज़गारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त मुआवज़े का भी प्रावधान किया गया है।
ग्राम सभा और पंचायत की भूमिका पर सफाई
ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के अधिकार कमजोर किए जाने के विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नया कानून स्थानीय संस्थाओं को और सशक्त बनाता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा गांव की जरूरतों के आधार पर कार्यों की पहचान और प्राथमिकता तय करेगी। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता, खर्च और भुगतान की सोशल ऑडिट ग्राम सभा में अनिवार्य होगी, जिससे पारदर्शिता और सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
गांधीजी के नाम और विचार हटाने के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह राजनीतिक और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि “वीबी–जी राम जी अधिनियम” गांधीजी के ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता, श्रम के सम्मान और जनभागीदारी जैसे सिद्धांतों पर ही आधारित है।
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