मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में दलित दूल्हे के साथ कथित भेदभाव का मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी के बाद दूल्हे को मंदिर में प्रवेश से रोक दिया गया और विरोध करने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें गांव की किराना दुकानों से सामान तक नहीं दिया जा रहा है और चार घरों का “हुक्का-पानी” बंद कर दिया गया है।
दूल्हे, निर्मल कनाड़े, ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि 23 अप्रैल को शादी के बाद जब वह दुल्हन के साथ मंदिर में पूजा करने पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। उनसे कहा गया कि वे मंदिर के बाहर ही पूजा कर लें।
इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके हस्तक्षेप से मंदिर का ताला खुलवाया गया और पूजा संपन्न कराई गई। हालांकि, घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाकर उनके परिवार के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया।
मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी दीपक यादव के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम को गांव भेजा गया था और मंदिर खुलवाया गया। अब परिवार को आवश्यक सामान नहीं दिए जाने की बात सामने आई है, जिस पर दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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