दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, होर्मुज विवाद पर नहीं टूटा गतिरोध; परमाणु मुद्दे पर चर्चा टली
कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों तक चली तकनीकी स्तर की अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। हालांकि दोनों देशों ने बातचीत का सिलसिला जारी रखने पर सहमति जताई है, लेकिन इस दौर में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा नहीं हो सकी। वार्ता का फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई जैसे मुद्दों पर रहा।
रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच कोई आमने-सामने बैठक नहीं हुई। कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अलग-अलग तकनीकी बैठकों में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने किया, जबकि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोहा में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने इस दौर की वार्ता में हिस्सा नहीं लिया।
वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई, लेकिन किसी भी विवादित मुद्दे पर सहमति बनने की पुष्टि नहीं की। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चर्चा जून में हुए अंतरिम समझौते और स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के आधार पर आगे बढ़ी। मंत्रालय के अनुसार, समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सकारात्मक प्रगति हुई है और अगला दौर बाद में आयोजित किया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा अगले दौर में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि वार्ता से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया कि दोहा में हुई तकनीकी बैठकों में परमाणु कार्यक्रम पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिए कि इस मुद्दे पर अलग दौर की वार्ता होगी और अमेरिका इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किए हुए है।
छह अरब डॉलर की संपत्ति और होर्मुज बना प्रमुख मुद्दा
ईरान ने वार्ता में अमेरिका में फंसी अपनी करीब छह अरब डॉलर की संपत्तियों को जारी करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ईरानी पक्ष का कहना है कि अंतरिम समझौते के तहत किए गए सभी वादों को एक साथ लागू किया जाना चाहिए।
उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इन फंडों के इस्तेमाल की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। उनके अनुसार, इस धनराशि का उपयोग मानवीय जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा। साथ ही समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए दोनों पक्षों के बीच सीधा संपर्क तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
होर्मुज को लेकर अमेरिका को चेतावनी
इस बीच ईरानी मीडिया ने खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के हवाले से अमेरिका को कड़ा संदेश दिया। ईरान ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और नियंत्रण उसकी संप्रभुता का हिस्सा है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का तत्काल और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र से गुजरने वाले टैंकरों और जहाजों को निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन करना चाहिए तथा क्षेत्रीय सुरक्षा का ढांचा खाड़ी देशों को मिलकर तय करना चाहिए, न कि बाहरी सैन्य गठबंधनों को। हालांकि दोहा वार्ता में जहाजों की निर्बाध आवाजाही पर चर्चा हुई, लेकिन इस अहम समुद्री मार्ग पर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
Comments are closed.