इक्वाडोर के राष्ट्रपति पर हमला: बढ़ते तेल दामों से भड़की जनता, सड़कों पर उबाल

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इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ पर बुधवार को उस समय जानलेवा हमला हुआ जब वे देश के मध्य भाग में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन कर रहे थे।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन कर रही भीड़ ने उनके काफिले पर पथराव किया और गोलियां चलाने की भी कोशिश की। सरकार ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति की बख्तरबंद गाड़ी पर गोलियों के निशान मिले हैं, हालांकि नोबोआ सुरक्षित हैं।

पर्यावरण मंत्री इनेस मंजानो ने बताया कि करीब 500 प्रदर्शनकारियों ने अचानक राष्ट्रपति के काफिले पर हमला कर दिया। सरकार द्वारा जारी एक वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग झंडे लहराते हुए सड़क पर खड़े हैं और राष्ट्रपति की एसयूवी के गुजरते ही पत्थरबाजी शुरू कर देते हैं। “सिर नीचे करो!” जैसी आवाजें भी वीडियो में सुनी जा सकती हैं। पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है कि वाहन पर लगे निशान गोली से बने थे या नहीं।

यह हमला उस वक्त हुआ जब इक्वाडोर में डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने के सरकार के फैसले के खिलाफ हिंसक विरोध तेज़ हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया, सरकारी परिसरों पर हमला किया और कुछ दिनों पहले 16 सैनिकों का अपहरण भी किया था — जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। हालिया झड़पों में एक प्रदर्शनकारी की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है।

राष्ट्रपति नोबोआ ने कई प्रांतों में आपातकाल लागू कर दिया है। उनका कहना है कि सब्सिडी में कटौती जरूरी है ताकि सरकार करीब एक अरब डॉलर बचा सके और आर्थिक स्थिरता कायम रख सके।

एक समय दक्षिण अमेरिका के सबसे शांत देशों में गिने जाने वाले इक्वाडोर में अब हिंसा और अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। कोलंबिया और पेरू जैसे दो प्रमुख कोकीन उत्पादक देशों के बीच स्थित यह देश अब ड्रग तस्करी का अहम ट्रांजिट ज़ोन बन चुका है। सरकार का दावा है कि मादक पदार्थों से जुड़े गिरोह जनता के असंतोष का फायदा उठाकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

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