इंडोनेशिया में भूकंप के बाद राहत का इंतजार, फ्लोरेस में हजारों लोग तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर
इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में पिछले सप्ताह आए शक्तिशाली भूकंप के बाद हजारों लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। राहत और मदद का इंतजार कर रहे लोगों के सामने रहने और जरूरी सामान की समस्या खड़ी है। भूकंप में 68 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में घरों व अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए अस्थायी आश्रयों में जाना पड़ा। हादसे में 213 लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।
आफ्टरशॉक्स के डर से बाहर बिता रहे रात
फ्लोरेस में कई परिवार अपने क्षतिग्रस्त या ढह चुके घरों के बाहर तिरपाल से बने अस्थायी टेंट में रात गुजार रहे हैं। आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते कई लोग घरों के अंदर जाने से डर रहे हैं और खुले में ही सो रहे हैं।
भूस्खलन के बीच पालुए पहुंची राहत टीम
अधिकारियों के अनुसार, रविवार देर रात राहतकर्मी भूकंप के केंद्र के नजदीक स्थित पालुए द्वीप तक पहुंचने में सफल रहे। टीम को भूस्खलन से प्रभावित इलाकों के बीच से होकर कठिन रास्ता तय करना पड़ा।
कई दिनों तक मुख्य इलाकों से संपर्क प्रभावित रहने के बाद यहां रहने वाले हजारों लोगों को तत्काल राहत सामग्री और सहायता की जरूरत है।
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति की अपील
इंडोनेशिया ने सोमवार को अपना 81वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दौरान राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने भूकंप प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और देशवासियों से आपदा से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
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