भारत में Starlink को मंजूरी में देरी पर भड़के एलन मस्क, मुकेश अंबानी पर फिर साधा निशाना

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भारत में Starlink को मंजूरी नहीं मिलने पर एलन मस्क की नाराजगी, मुकेश अंबानी पर फिर किया तीखा हमला

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink को कारोबार की अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने लगातार दूसरे दिन भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी पर निशाना साधते हुए उन्हें भारत का ‘प्रधानमंत्री’ कहकर संबोधित किया। मस्क की इस टिप्पणी से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर प्रतिस्पर्धा और कारोबारी हितों की बहस तेज हो गई है।

इससे एक दिन पहले भी मस्क ने भारत में Starlink को लाइसेंस मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारत सरकार के सभी कानूनों का पालन कर रही है, इसके बावजूद उसे अब तक कारोबार शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि क्या अंबानी भारत में वास्तविक कारोबारी प्रभाव रखते हैं।

मस्क ने मुकेश अंबानी को बताया ‘प्रधानमंत्री’

एलन मस्क ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें यह समझने में गलती हुई कि अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से अंबानी को एकाधिकार के जरिए भारतीय उपभोक्ताओं का फायदा उठाने का अवसर मिलता है।

मस्क ने इसके साथ ही अंबानी से Starlink को भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करने की अपील भी की। उनकी टिप्पणी से साफ है कि कंपनी भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए बाजार में प्रवेश का रास्ता तलाश रही है।

इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने का दिया तर्क

Starlink के पक्ष में अपनी दलील रखते हुए मस्क ने कहा कि दुनिया के कई देशों की तरह भारत के भी कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच सीमित है। इसका असर खासकर बच्चों की शिक्षा और छोटे कारोबारियों के अवसरों पर पड़ता है।

मस्क के अनुसार, सैटेलाइट इंटरनेट दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिक अवसर मिल सकते हैं और छोटे कारोबारी अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचा सकते हैं।

हालांकि, भारत में Starlink की व्यावसायिक शुरुआत के लिए आवश्यक नियामकीय मंजूरी और लाइसेंस की प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। कंपनी को भारतीय नियमों के तहत अनुमति मिलने के बाद ही सेवाएं शुरू करने का रास्ता साफ होगा।

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