फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटेन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को भूमध्य सागर में रूस से आ रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया।
फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई रूस के प्रतिबंधित “शैडो फ्लीट” को निशाना बनाकर की गई है। अधिकारियों ने बताया कि ‘ग्रिंच’ नामक इस जहाज पर फर्जी झंडा लगाकर संचालन किए जाने का संदेह है। आगे की जांच के लिए टैंकर को एक फ्रांसीसी बंदरगाह की ओर ले जाया जा रहा है।
मैक्रों बोले- उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए एक्स पर लिखा कि फ्रांस किसी भी तरह के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि रूसी तेल टैंकर पर कब्जा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के तहत किया गया है और यह अभियान भूमध्य सागर में सहयोगी देशों के समर्थन से अंजाम दिया गया। मैक्रों ने कहा कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून कन्वेंशन के तहत की गई है।
फ्रांस में न्यायिक जांच शुरू
मैक्रों ने बताया कि मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है और जहाज का मार्ग बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि “शैडो फ्लीट” की गतिविधियां यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचाती हैं और फ्रांस अंतरराष्ट्रीय कानून को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फर्जी झंडों से प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहा रूस
फ्रांसीसी नौसेना ने यह कार्रवाई स्पेन और मोरक्को के बीच समुद्री क्षेत्र में की। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब यूरोपीय संघ ने यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद उस पर कई प्रतिबंध पैकेज लगाए हैं। हेलसिंकी स्थित सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की नवंबर रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के पहले नौ महीनों में 100 से अधिक रूसी जहाजों ने फर्जी झंडों के तहत करीब 11 मिलियन टन तेल का परिवहन किया, जिसकी अनुमानित कीमत 4.7 बिलियन यूरो रही।
जेलेंस्की ने फ्रांस को कहा धन्यवाद
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी टैंकर को रोके जाने पर फ्रांस का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह वही सख्ती है जिसकी जरूरत है ताकि रूसी तेल से युद्ध को मिलने वाली फंडिंग रोकी जा सके। उन्होंने यूरोपीय तटों के पास सक्रिय रूसी टैंकरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
रूसी दूतावास की प्रतिक्रिया
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, फ्रांस में रूसी दूतावास ने कहा कि उसे इस कार्रवाई की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। दूतावास ने बताया कि वह मार्सिले स्थित रूसी महावाणिज्य दूतावास के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जहाज के चालक दल में कोई रूसी नागरिक है या नहीं, ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता दी जा सके।
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