“सिद्धू मूसेवाला की हत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं था”: गोल्डी बराड़ का बड़ा खुलासा

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गोल्डी बराड़ का कबूलनामा: “सिद्धू मूसेवाला को मारना मजबूरी थी, कोई विकल्प नहीं बचा था”

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को तीन साल बीत चुके हैं, और अब इस मामले पर पहली बार हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने चुप्पी तोड़ी है। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बराड़ ने दावा किया कि मूसेवाला को मारना “मजबूरी” बन गया था क्योंकि उसने ऐसी “भूलें” की थीं जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता।

“या तो वो रहता, या हम”

बराड़ ने इंटरव्यू में कहा,

“हमारे पास उसे खत्म करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। उसने जो किया, उसकी उसे कीमत चुकानी थी। या तो वो बचता, या हम। बात इतनी सी थी।”

बराड़ के मुताबिक, मूसेवाला ने उसके गैंग के दुश्मनों का साथ देना शुरू कर दिया था, और यही हत्या की वजह बनी। उसने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई और मूसेवाला के बीच पहले संपर्क था, और दोनों के बीच बातचीत होती रहती थी। मूसेवाला लॉरेंस को ‘गुड मॉर्निंग’ और ‘गुड नाइट’ के मैसेज भेजता था।

कबड्डी टूर्नामेंट से शुरू हुई रंजिश
गोल्डी बराड़ के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पंजाब में आयोजित एक कबड्डी टूर्नामेंट से हुई, जिसमें मूसेवाला ने बंबीहा गैंग के समर्थन में प्रचार किया था। इससे लॉरेंस गैंग में नाराजगी बढ़ी और टकराव की स्थिति पैदा हुई।

विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या ने बढ़ाई दुश्मनी
बराड़ ने दावा किया कि मूसेवाला के करीबी शगनप्रीत सिंह का नाम गैंगस्टर विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या में आया था। यह घटना अगस्त 2021 में मोहाली में हुई थी, और इसके बाद लॉरेंस गैंग और मूसेवाला के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।

बराड़ ने कहा,
“हर कोई जानता था कि उस हत्या में मूसेवाला का क्या रोल था। लेकिन राजनीतिक संपर्क और पैसे की ताकत के चलते वह कानून की पकड़ से बाहर रहा।”

“न्याय नहीं मिला, इसलिए कानून अपने हाथ में लिया”

बराड़ ने कहा कि वे चाहते थे कि सिद्धू पर केस चले और उसे जेल भेजा जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

“हमने जब देखा कि कोई कुछ नहीं कर रहा, तो हमने फैसला खुद ले लिया।”

“पछतावा नहीं है”
गोल्डी बराड़ ने साफ कहा कि उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है।

“इस देश में सिर्फ ताकतवरों को इंसाफ मिलता है, आम आदमी को नहीं। मैंने जो किया, उसके लिए मुझे कोई पछतावा नहीं।”

बैकग्राउंड
सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी। बराड़ ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। वह कनाडा में सक्रिय है और भारतीय एजेंसियों द्वारा आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का अहम हिस्सा माना जाता है।

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