होर्मुज नाकेबंदी से बढ़ा वैश्विक तनाव, तेल संकट की आशंका; ट्रंप की धमकी के बाद पाकिस्तानी जहाजों का यू-टर्न

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अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर युद्धपोतों की तैनाती के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। इससे क्षेत्रीय समुद्री समीकरणों में बड़े बदलाव के संकेत भी मिलने लगे हैं।

Donald Trump के कथित आदेश के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधियों के बीच अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पहले जहां कुछ जहाज ईरान की निगरानी में सुरक्षित मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब कई जहाज इस रास्ते से दूरी बनाने लगे हैं।

पाकिस्तानी जहाजों का यू-टर्न

रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज की ओर बढ़ रहे दो पाकिस्तानी जहाजों ने स्थिति को देखते हुए अपना रुख बदल लिया है। इसे क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित जोखिम का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर बयान

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लेख साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिका ईरान की Strait of Hormuz पर पकड़ को कमजोर कर सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी

विश्लेषकों के मुताबिक, United States Navy ने फारस की खाड़ी में अपनी मौजूदगी पहले से मजबूत कर दी है। यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोत क्षेत्र में तैनात बताए जा रहे हैं, जिससे समुद्री निगरानी क्षमता काफी बढ़ गई है।

वैश्विक असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है या किसी तरह की नाकेबंदी की कोशिश होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल ला सकता है।

कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर जहाज पर निगरानी और संभावित नियंत्रण की स्थिति बन सकती है, जिससे समुद्री व्यापार में नई अनिश्चितता पैदा हो सकती है।

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