ईरान-इजराइल तनाव फिर बढ़ा, तेहरान ने फतेह मिसाइल से किया हमला

3

ईरान-इजरायल संघर्ष और बढ़ा: फतेह-1 मिसाइल का इस्तेमाल, दोनों ओर भारी जानमाल का नुकसान

पिछले एक सप्ताह से ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। अब तक इस हिंसा में ईरान में 220 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 70 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि इजरायल में 24 लोगों की जान गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कूटनीतिक समाधान की फिलहाल कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही।

ईरान का हमला: पहली बार ‘फतेह-1’ मिसाइल का प्रयोग
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहली बार फतेह-1 बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया है। मंगलवार को ईरानी मिसाइलों ने तेल अवीव, यरुशलम सहित कई इजरायली शहरों को निशाना बनाया।
हमले के बाद पूरे इजरायल में सायरन बजने लगे और नागरिकों को बंकरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि उसने 100 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन इंटरसेप्ट कर नष्ट किए हैं, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्षित ठिकानों तक पहुंचीं, जिससे इजरायल को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।

इजरायल का जवाब: ईरान की सैन्य और परमाणु सुविधाएं निशाने पर
इजरायल ने पलटवार करते हुए तेहरान के हवाई क्षेत्र को टारगेट करने का दावा किया।

IDF के मुताबिक, जवाबी हमले में:

IRGC के खुफिया प्रमुख मोहम्मद काज़मी

और उनके डिप्टी कमांडर मारे गए हैं।
इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु प्रतिष्ठानों और कमांड सेंटर्स पर गहन हमले किए।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि,

“यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने के लिए है।”

क्या कूटनीतिक समाधान संभव है?
दोनों देशों के बीच तेज होती जवाबी कार्रवाइयों और क्षेत्रीय समर्थन समूहों के सक्रिय होने के चलते स्थिति बेहद नाज़ुक हो गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अब तक शांति की अपील जरूर की है, लेकिन संघर्ष पर विराम लगने के आसार फिलहाल बेहद कम नजर आ रहे हैं।

Comments are closed.