महाराष्ट्र में पेट्रोल संकट के संकेत: माढा में लंबी कतारें, छत्रपति संभाजीनगर की फैक्ट्रियों पर असर; केंद्र अलर्ट मोड में
देशभर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हालात तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं।
सोलापुर जिले के माढा इलाके में ईंधन की कमी की आशंका से लोगों में घबराहट फैल गई, जबकि छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक गैस की सप्लाई प्रभावित होने से उद्योगों पर असर पड़ा है।
माढा में सप्लाई बाधित होने की खबरों के बाद अधिकांश पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं। केवल एक पंप चालू होने के कारण वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। शनिवार से ही लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कई जगहों पर लोगों और कर्मचारियों के बीच बहस की भी खबरें सामने आई हैं।
लोगों में इस बात का डर है कि कहीं ईंधन पूरी तरह खत्म न हो जाए, जिसके चलते वे जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग तेज हो गई है।
दूसरी ओर, छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन पर असर पड़ा है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में इकाइयां एलपीजी पर निर्भर हैं, और सप्लाई बाधित होने से कई लघु और मध्यम उद्योगों का काम प्रभावित हुआ है। हालांकि, कंपनियां अपने कर्मचारियों को बनाए रखते हुए रखरखाव जैसे कार्य करवा रही हैं, ताकि सप्लाई बहाल होते ही उत्पादन शुरू किया जा सके।
केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए आपूर्ति तंत्र पर दबाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। वाणिज्यिक क्षेत्रों में पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने, गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने और रिफाइनरियों को पूरी क्षमता से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनी रहे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देशभर में ईंधन की व्यापक कमी की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की गई है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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