यमन संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के कई शहरों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। हमलों में 13 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि कम से कम सात रिहाइशी मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
खमीस मुशेत, आभा और ताइफ निशाने पर
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हूतियों के हमले की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, खमीस मुशेत, आभा और ताइफ समेत कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया।
खमीस मुशेत में स्थित एक सैन्य हवाई अड्डे पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। हमलावरों ने कथित तौर पर विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के भंडार को निशाना बनाने की कोशिश की। हमले के बाद सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया।
सऊदी और यमनी बलों की जवाबी कार्रवाई
हूतियों के हमलों के बाद सऊदी और यमनी वायु सेना ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। लाल सागर के तट पर स्थित मोचा बंदरगाह के आसपास हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं।
इस बीच हूती विद्रोही यमन के पश्चिमी तट और लाल सागर के प्रवेश द्वार के पास स्थित पेरिम द्वीप पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे लाल सागर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
होर्मुज को लेकर बातचीत पर भी असर
यमन में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी देशों और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर प्रस्तावित अहम बातचीत भी टल गई है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उसका पूर्ण नियंत्रण है और जलडमरूमध्य फिलहाल बंद है। होर्मुज के आसपास बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
Comments are closed.