IPS पूरन आत्महत्या मामले में बड़ा कदम: DGP शत्रुजीत कपूर सहित 14 अधिकारियों पर FIR दर्ज

आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में पुलिस ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 14 अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और परिवार की मांग पर यह कार्रवाई हुई।

2

हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या (IPS Puran Suicide Case) मामले में बड़ा कदम उठाते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार रात करीब 10:40 बजे डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 14 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं 3(5) व 3(1)(आर) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने से पहले पीड़ित परिवार लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा था और चेतावनी दी थी कि जब तक सभी आरोपितों पर केस नहीं बनता, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिन में एडवोकेट जनरल से राय लेने के बाद अधिकारियों से चर्चा की और डीजीपी शत्रुजीत कपूर से मुलाकात कर जानकारी हासिल की।

इससे पहले, सात अक्टूबर को वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से मिला आठ पन्नों का सुसाइड नोट चर्चा में है, जिसमें उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित कई वरिष्ठ आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के नाम लिखे थे।

पूरन कुमार की पत्नी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने जापान से लौटने के बाद बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने वर्षों से चल रहे जातीय भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिन पर अब पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

Comments are closed.