मुरासु चक्रवात का असर: चेन्नई में आज स्कूल-कॉलेज बंद, आंध्र प्रदेश में 3-4 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात मुरासु का कहर: आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, चेन्नई में स्कूल-कॉलेज बंद
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान मुरासु में तब्दील हो गया है। आंध्र प्रदेश में हाल ही में चक्रवात अर्नब का असर देखने को मिला था और अब एक नए तूफान का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के तटीय इलाकों में 3 नवंबर तक तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरासु चेन्नई से करीब 300 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इसके 3 नवंबर की शुरुआत में ओंगोल के आसपास तट से टकराने की आशंका है। IMD ने 2 नवंबर को तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि तूफान पिछले छह घंटों में 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।
गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका
IMD ने अनुमान जताया है कि अगले तीन घंटों में मुरासु के पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की प्रबल संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास दस्तक दे सकता है।
तूफान के 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंकों के साथ यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लुर प्रशासन ने सोमवार को सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है। चेन्नई की जिला कलेक्टर एस. मालथी हेलेन और तिरुवल्लुर की जिला कलेक्टर एस. कविता ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
इससे पहले तमिलनाडु के राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने रविवार शाम सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को जरूरी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट, NDRF-SDRF की टीमें तैनात
चक्रवात के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने 2 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, रायलसीमा और तेलंगाना में बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने संबंधित विभागों को बचाव और राहत कार्यों के लिए आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
आपदा से निपटने के लिए NDRF की छह और SDRF की सात टीमें तैनात की गई हैं। विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील और असुरक्षित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए 112 या 1070 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
Comments are closed.