मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इराक के दक्षिणी तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए विस्फोट ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
उम्म कसर बंदरगाह से करीब 40 समुद्री मील दूर खाड़ी क्षेत्र में यात्रा कर रहे एक कंटेनर जहाज पर दो धमाकों की सूचना मिली है। घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां और समुद्री निगरानी संगठन मामले की जांच में जुट गए हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने पनामा के झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘एमएससी सारिस्का वी’ को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी का आरोप है कि जहाज का संबंध अमेरिकी हितों से था और यह कार्रवाई पहले एक ईरानी पोत पर हुए कथित हमले के जवाब में की गई।
हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। समुद्री सुरक्षा पर नजर रखने वाली संस्था यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की कि क्षेत्र में एक जहाज पर विस्फोट हुआ, लेकिन प्रभावित पोत की पहचान को लेकर उसने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। संस्था के अनुसार, घटना के दौरान जहाज के चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित रहे और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वहीं, कुछ प्रारंभिक जांच रिपोर्टों में यह संभावना भी जताई गई है कि धमाका किसी बाहरी हमले की बजाय तकनीकी या यांत्रिक खराबी के कारण हुआ हो सकता है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया है कि अब तक ऐसे ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जो यह साबित करें कि जहाज को किसी मिसाइल या ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया था।
घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही सुरक्षा हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मामले की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट किसी हमले का परिणाम था या फिर जहाज के भीतर उत्पन्न तकनीकी समस्या की वजह से हुआ।
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