बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब तीन अलग-अलग दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब तीन पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक साथ राज्यसभा के लिए मैदान में उतरे हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में यह नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई, जिससे इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।
तीन दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने भरा नामांकन
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री Nitish Kumar और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष Upendra Kushwaha शामिल हैं।
तीनों नेताओं ने बिहार विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। एक ही दिन और एक ही समय में तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का पर्चा भरना बिहार की राजनीति में नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
एनडीए खेमे में दिखी एकजुटता
नामांकन के दौरान एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने इसे गठबंधन की मजबूती और आपसी तालमेल का प्रतीक बताया।
राजनीतिक संदेश भी अहम
तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का एक साथ राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम एनडीए की रणनीति और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया की आगे की तारीखें
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है। जरूरत पड़ने पर 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
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