फ्लाईदुबई विमान में जिंदगी-मौत से जूझते यात्री, हमलावर को काबू करने में लगे 20-25 मिनट

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फ्लाईदुबई की उड़ान FZ-1073 ने बुधवार को अचानक तेज गोता लगाया तो यात्रियों को लगा कि विमान भारी टर्बुलेंस की चपेट में आ गया है।

लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि कॉकपिट के अंदर हालात बेहद गंभीर थे और वहां जिंदगी-मौत की जंग चल रही थी।

यात्री अल्मोग इटली ने बताया कि विमान कुछ सेकेंड तक लगातार नीचे की ओर गया। उन्होंने कहा, “यह 20-30 सेकेंड तक नीचे गिरता रहा, फिर संभला और दोबारा नीचे जाने लगा। तभी हमने देखा कि कॉकपिट के पास लोग जमा थे।”

उन्होंने बताया कि यात्री विमान के अगले हिस्से की ओर भाग रहे थे और कॉकपिट के बाहर अफरातफरी का माहौल था। रिजर्व क्रू ने स्थिति संभालते हुए विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और उसे स्थिर किया।

अल्मोग के मुताबिक, घटना डरावनी जरूर थी, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं चली। उन्होंने कहा कि ज्यादातर यात्रियों ने घबराने के बजाय एक-दूसरे का साथ दिया। सऊदी अरब पहुंचने के बाद यात्रियों का मेडिकल स्टाफ और अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कॉकपिट में मौजूद हमलावर को काबू करने वाले तीन इजरायली नागरिकों में से एक जिका मानेस ने इजरायली चैनल-12 को बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में करीब 20-25 मिनट लगे। उन्होंने कहा, “यह बहुत मुश्किल स्थिति थी, लेकिन क्योंकि हम इजरायली हैं, इसलिए हमने तुरंत कार्रवाई की।”

एएनआई के अनुसार, मानेस ने दावा किया कि जब को-पायलट कथित तौर पर भारतीय पायलट पर चाकू से हमला कर रहा था, तब वह कॉकपिट के दरवाजे से बाहर गिर गया। एक अन्य यात्री डेनियल ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया।

डेनियल ने कहा कि हाथापाई के दौरान उन्होंने चीखें सुनीं और पायलट का खून जमीन पर देखा। उन्होंने हमलावर को काबू करने वाले तीन इजरायली यात्रियों को “असली हीरो” बताया।

उन्होंने कहा, “जब विमान तेजी से नीचे की ओर जा रहा था और घूम रहा था, तब ऐसा लगा कि सब कुछ खत्म हो गया। ऐसा लगा जैसे 11 सितंबर की घटना दोबारा हो रही हो।”

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, यात्री मिरियम ओहायोन ने इजरायली चैनल i24NEWS को बताया कि कुछ ही मिनटों में विमान पूरी तरह बेकाबू होता महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि यात्रियों ने चीखें सुनीं और कॉकपिट का दरवाजा खुलने पर वहां काफी खून दिखाई दिया।

ओहायोन ने अपनी मां यास्मिन ओहायोन-अबुकासिस को बताया कि घटना टेकऑफ के करीब दो घंटे बाद शुरू हुई। उनके मुताबिक, बाथरूम से लौट रहे एक यात्री ने कॉकपिट के अंदर हाथापाई देखी और बाकी यात्रियों को सतर्क किया।

यास्मिन ने बताया कि उनकी बेटी के अनुसार, पायलट मदद के लिए चिल्ला रहा था और चाकू लिए एक व्यक्ति उस पर हमला कर रहा था।

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