पटना गर्ल्स हॉस्टल केस: प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टर ने परिजनों को बताई घटना की सच्चाई

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बिहार की राजधानी पटना में एक छात्रा के साथ हुई कथित हिंसा के मामले ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शुरुआती स्तर पर जिस घटना को पुलिस छात्रा की निजी मानसिक स्थिति और नींद की गोलियों के ओवरडोज से जोड़कर देख रही थी, अब वही मामला एक संदिग्ध आपराधिक घटना की ओर इशारा कर रहा है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल परिसर में घटना के तुरंत बाद सफाई कर संभावित सबूत मिटा दिए गए।

परिजनों का कहना है कि इस मामले में प्रभात मेमोरियल अस्पताल के एक डॉक्टर की भूमिका अहम रही, जिनकी जानकारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की दिशा बदली और एफआईआर दर्ज की जा सकी।

डॉक्टर के बयान से खुला मामला

पीड़िता के मामा के अनुसार, 7 जनवरी को जब परिजन हॉस्टल पहुंचे, तब कमरे को पूरी तरह साफ किया जा चुका था। उनका आरोप है कि घटनास्थल से साक्ष्य नष्ट किए गए।

परिजनों के मुताबिक, प्रभात मेमोरियल अस्पताल में होश में आने पर छात्रा ने इशारों में अपने साथ हुई हिंसा की जानकारी दी। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को वीडियो रिकॉर्डिंग से रोका और इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। इसी बीच अस्पताल के एक डॉक्टर ने निजी तौर पर परिवार से कहा कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है। इसके बाद 9 जनवरी को पीड़िता के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई।

पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल

पटना पुलिस ने 13 जनवरी को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया था कि छात्रा की मोबाइल सर्च हिस्ट्री में आत्महत्या और नींद की गोलियों से संबंधित जानकारियां मिली हैं। पुलिस का कहना था कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की प्रारंभिक जांच में यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई।

हालांकि, पिता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि छात्रा के शरीर और सिर पर चोट के निशान थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया गया या गंभीर मारपीट हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही छात्रा के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान होने की पुष्टि हुई है।

मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस की शुरुआती जांच पर सवाल उठे, जिसके बाद हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि घटना में और कौन-कौन शामिल हो सकता है और क्या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई।

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