Weather Havoc: बारिश-ओलावृष्टि से बिहार-हरियाणा में फसलें बर्बाद, यूपी में वज्रपात से 10 की मौत

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उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई राज्यों में खड़ी और कटी फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी से गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई, जबकि कटाई के बाद रखी सरसों भी भीग गई। इसके अलावा तेज हवाओं से आम के बौर भी झड़ गए, जिससे फल उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर और मुजफ्फरपुर में भी गेहूं, आम और लीची की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

वज्रपात से 10 की मौत
उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की जान चली गई। प्रयागराज में तीन, अमरोहा में दो और जौनपुर, मिर्जापुर, श्रावस्ती, बहराइच व बलरामपुर में एक-एक मौत दर्ज की गई। इसके अलावा आठ लोग झुलस भी गए।

हरियाणा और अन्य राज्यों में भी असर
हरियाणा में तेज हवा और बारिश के चलते यमुनानगर, चरखी दादरी, झज्जर, हिसार, जींद और भिवानी समेत कई जिलों में हजारों एकड़ में गेहूं की फसल गिर गई।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में जलभराव से टमाटर, शिमला मिर्च, फूलगोभी और मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं मध्य प्रदेश के शिवपुरी और श्योपुर में ओलावृष्टि व आंधी से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। बड़वानी में बड़े ओलों ने गेहूं, चना और मक्का को भारी नुकसान पहुंचाया है।

हालांकि छत्तीसगढ़ में ओले छोटे होने के कारण नुकसान सीमित रहा, जबकि पंजाब और जम्मू और कश्मीर में हुई बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल दाना बनने के चरण में है, जिसमें हल्की ठंड और नमी लाभकारी होती है। लेकिन लगातार बारिश और ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, आलू, चना, मसूर के साथ-साथ कद्दू वर्गीय फसलें—जैसे खरबूजा, तरबूज, खीरा—भी प्रभावित हो सकती हैं।

सरकार ने मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर फसल नुकसान का सटीक आकलन करें। उन्होंने कहा कि इस समय कई राज्यों में फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, ऐसे में यह मौसम किसानों के लिए चुनौती बन गया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन पर नहीं, बल्कि नुकसान के वैज्ञानिक आकलन, बीमा क्लेम के निपटान और किसानों को त्वरित राहत देने पर है। राज्य सरकारें एसडीआरएफ के तहत सहायता प्रदान कर रही हैं।

आगे भी मौसम का खतरा
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी दी है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

जल्द शुरू होगी खरीद
सरकार के मुताबिक, रबी फसलों की सरकारी खरीद जल्द शुरू होगी। गेहूं और धान के साथ तुअर, मसूर और उड़द की खरीद भी एजेंसियों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत न मिले।

कुल मिलाकर, बेमौसम बारिश ने जहां कई राज्यों में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, वहीं कुछ क्षेत्रों में यह फसलों के लिए फायदेमंद भी साबित हुई है।

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