राजधानी दिल्ली में BRICS Summit की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं।
प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां जलभराव समेत किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी का दावा कर रही हैं। हालांकि, शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव हुआ और यातायात प्रभावित रहा, जिससे BRICS सम्मेलन को लेकर एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
लुटियंस दिल्ली में भी जलभराव
बारिश के दौरान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर लुटियंस दिल्ली के कई इलाकों तक पानी जमा हो गया। वर्षा कम होने के बाद NDMC के कर्मचारी जल निकासी के लिए तुरंत सक्रिय हुए और कई जगहों से पानी हटाया गया।
जन्माष्टमी की छुट्टी के कारण सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात कम था, इसलिए बड़े जाम की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाबा खड़ग सिंह मार्ग और कनॉट प्लेस में भी दोबारा पानी भर गया। कनॉट प्लेस में इससे पहले 25 अगस्त को जलभराव को लेकर NDMC चेयरमैन माफी मांग चुके हैं। शुक्रवार को स्थिति फिर बिगड़ी और कुछ जगहों पर पानी दुकानों तक पहुंच गया।
विदेशी मेहमानों के सामने फजीहत की चिंता
BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों की मौजूदगी को देखते हुए जलभराव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एजेंसियों को आशंका है कि यदि सम्मेलन के दौरान इसी तरह बारिश हुई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई, तो अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने दिल्ली की तैयारियों को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
मध्य दिल्ली में कनॉट प्लेस और पंत मार्ग के अलावा ITO, सदर बाजार और चांदनी चौक के कई हिस्सों में भी पानी जमा हुआ।
बाहरी दिल्ली में नाले ओवरफ्लो
बाहरी दिल्ली के कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में भर गया। किराड़ी के मुबारकपुर रोड और 70 फुट रोड समेत कई मार्ग जलमग्न नजर आए।
प्रेम नगर-2, निठारी और अगर नगर में जल निकासी बाधित होने से नाले ओवरफ्लो हो गए। कई जगह नाले की गाद भी सड़क पर बहती दिखाई दी। स्थानीय लोग पानी के साथ आई गाद को हटाने में जुटे नजर आए।
जहांगीरपुरी, मंगोलपुरी, शाहबाद डेयरी, कराला, रानीखेड़ा, मदनपुर डबास और मुंडका में भी जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ।
यमुनापार में भी थमी वाहनों की रफ्तार
पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भी बारिश के बाद हालात खराब रहे। विकास मार्ग, शकरपुर स्कूल ब्लॉक, पांडव नगर अंडरपास, NH-9 और गणेश नगर-पटपड़गंज मार्ग पर पानी जमा रहा।
गीता कॉलोनी और शकरपुर के रिहायशी इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई। मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई जगह लंबी कतारें लग गईं। फुटपाथ डूबने के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ा।
वसंत कुंज में दीवार और पेड़ गिरने से नुकसान
दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार, देवली, खानपुर, सैनिक फार्म, बदरपुर, मीठापुर चौक और गढ़ी गांव जैसे जलभराव वाले इलाकों में फिर पानी जमा हुआ।
वसंत कुंज में बारिश के दौरान ई-7 और ई-9 ब्लॉक में DDA की दीवार और इलेक्ट्रिक पैनल गिर गए। मलबे की चपेट में आने से कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं A-1 और A-2 ब्लॉक के बीच एक बड़ा पेड़ गिरने से एक कार को नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा एफ ब्लॉक की कुछ सोसायटियों के बेसमेंट में पानी भरने से पार्किंग में खड़ी कारें भी जलमग्न हो गईं।
छुट्टी के दिन भी सड़कों पर दिखा असर
बारिश का असर दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर भी देखने को मिला। MB रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। आउटर रिंग रोड पर मोदी मिल के पास, मां आनंदमयी मार्ग, पुल प्रहलादपुर और क्राउन प्लाजा चौक समेत कई स्थानों पर छुट्टी के बावजूद वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।
बारिश ने एक बार फिर दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। ऐसे में BRICS Summit से पहले प्रशासन के सामने जलभराव और यातायात प्रबंधन को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
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