धरती पर लौटे भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला, 10 बिंदुओं में जानिए अंतरिक्ष मिशन की पूरी कहानी
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अपने पहले अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर धरती पर लौट आए हैं। मंगलवार को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे स्पेसएक्स का ड्रैगन यान प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया तट के पास स्प्लैशडाउन हुआ। उनके साथ Axiom-4 मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी सुरक्षित वापस आए।
घरवालों ने लाइव देखा शुभांशु की वापसी
लखनऊ स्थित शुभांशु के परिवार ने यह ऐतिहासिक लम्हा लाइव देखा। उनकी मां की आंखों में गर्व और खुशी के आंसू थे। शुक्ला के पिता ने इसे देश के लिए गौरव का क्षण बताया।
18 दिन, 60 से ज्यादा प्रयोग
Axiom Space और NASA के इस संयुक्त मिशन की शुरुआत 14 दिनों के लिए हुई थी, जिसे बढ़ाकर 18 दिन किया गया। इस दौरान चालक दल ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए। अब चारों अंतरिक्ष यात्री सात दिनों के पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरेंगे, ताकि वे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल हो सकें।
जानिए इस ऐतिहासिक वापसी की कहानी 10 प्वाइंट्स में:
वापसी की तैयारी: शुभांशु और अन्य यात्री अनडॉकिंग से लगभग दो घंटे पहले ड्रैगन यान में सवार हुए।
हैच बंद: सोमवार दोपहर 2:37 बजे (भारतीय समय) यान और ISS के बीच का हैच बंद किया गया।
अनडॉकिंग: शाम करीब 4:45 बजे यान अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हुआ।
कक्षा से अलगाव: थ्रस्टर फायर कर यान ने ISS से दूरी बनाई और धरती की दिशा में यात्रा शुरू की।
वायुमंडल में प्रवेश: यान 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में दाखिल हुआ, जिससे तापमान 1900 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
हीट शील्ड सुरक्षा: घर्षण से बचने के लिए यान को विशेष सुरक्षा कवच (हीट शील्ड) से ढका गया था।
पैराशूट खुले: समुद्र तल से 5,500 मीटर ऊपर दो छोटे और फिर चार मुख्य पैराशूट खुले, जिससे रफ्तार नियंत्रित हुई।
स्प्लैशडाउन: यान ने प्रशांत महासागर में सटीक और सुरक्षित लैंडिंग की।
रिकवरी शिप पहुंची: ‘शैनन’ नाम की रिकवरी बोट ने यान को उठाया। चालक दल को बाहर निकालकर मेडिकल जांच की गई।
पुनर्वास शुरू: अंतरिक्ष की भारहीनता से निकलकर पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण स्थिति में शरीर को ढालने के लिए पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया गया।
देश भर से मिली शुभकामनाएं
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेताओं और वैज्ञानिक संस्थानों ने शुभांशु को इस अद्भुत सफलता पर बधाई दी है। यह मिशन भारत के लिए न केवल तकनीकी बल्कि भावनात्मक रूप से भी ऐतिहासिक रहा।
आइएसएस पर ‘एक्सिओम-4′ मिशन के पायलट के तौर पर शुभांशु की भूमिका ने भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए मील का पत्थर स्थापित किया है। इस मिशन में शामिल सभी लोगों को मेरी बधाई।’ – द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति, एक्स पर पोस्ट
आइएसएस पर ‘एक्सिओम-4′ मिशन के पायलट के तौर पर शुभांशु की भूमिका ने भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए मील का पत्थर स्थापित किया है। इस मिशन में शामिल सभी लोगों को मेरी बधाई।’ – द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति, एक्स पर पोस्ट
” शुभांशु शुक्ला को मेरी हार्दिक बधाई। उन्होंने विजय की एक ऐसी कहानी लिखी है जिसने न केवल देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि भारतीय अंतरिक्षयात्रियों और विज्ञानियों के बीच उनकी प्रतिभा और धैर्य के बारे में विश्वास भी जगाया है। इस यात्रा में अर्जित अनुभव भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में भारत के लिए महत्वपूर्ण होंगे।” – अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री, एक्स पर पोस्ट
”शुभांशु शुक्ला, आपका स्वागत है! हमें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि आप वापस आ गए हैं। आपने जो किया है, उसे देखना हमारे लिए गर्व की बात है। आपको और आपकी टीम के सदस्यों को बधाई, और आपके परिवार को शुभकामनाएं।” – ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, बंगाल
” शुभांशु की सकुशल वापसी पूरे देश के लिए उत्साहवर्धक है। उनके परिवार और इस सफलता में सहयोग देने वाले सभी अंतरिक्ष विज्ञानियों और संस्थानों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। ऐसे अनुभवों से निश्चित रूप से देश के करोड़ों लोगों को लाभ होगा।” – मायावती, बसपा अध्यक्ष
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