तीन घंटे का दौरा, कई बड़ी डील: AI-डिफेंस और निवेश पर भारत-UAE में सहमति

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यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की तीन घंटे की भारत यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौतों को मंजूरी दी गई।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल सहयोग, खाद्य सुरक्षा, अंतरिक्ष और निवेश जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। मिसरी के मुताबिक, राष्ट्रपति नाहयान के प्रतिनिधिमंडल में शाही परिवार के सदस्य, वरिष्ठ मंत्री और उच्च अधिकारी शामिल थे। राष्ट्रपति नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर प्रतिनिधिमंडल स्तर और प्रतिबंधित स्तर, दोनों ही प्रारूपों में बातचीत की।

निवेश के ज़रिये इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

यूएई गुजरात के धोलेरा में मेगा निवेश के ज़रिये रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहयोग करेगा। इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पायलट ट्रेनिंग स्कूल, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधाएं, रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
इसके अलावा, गुजरात की गिफ्ट सिटी में फर्स्ट अबू धाबी बैंक और डीपी वर्ल्ड के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

डिफेंस और स्पेस में रणनीतिक साझेदारी

दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत रक्षा क्षेत्र में नवाचार, तकनीक, प्रशिक्षण, साइबर स्पेस और आतंकवाद-रोधी सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को लेकर यूएई स्पेस एजेंसी और भारत के नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) के बीच एक लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए। खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक अलग समझौते को मंजूरी दी गई है।

ऊर्जा, AI और डिजिटल सेक्टर में सहयोग

दोनों देश डिजिटल या डेटा एंबेसी स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे। विदेश सचिव ने बताया कि यह डिजिटल डेटा के सुरक्षित भंडारण से जुड़ा एक नया कॉन्सेप्ट है, जिसमें राष्ट्रीय संप्रभुता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
यूएई भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने में सहयोग करेगा, जो भारत के ‘AI इंडिया मिशन’ का हिस्सा होगा।

ऊर्जा क्षेत्र में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी गैस के बीच एलएनजी खरीद को लेकर 10 साल का समझौता हुआ है, जो वर्ष 2028 से लागू होगा। दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है।
इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR), पावर प्लांट संचालन और परमाणु सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।

सांस्कृतिक सहयोग और वेस्ट एशिया पर चर्चा

सांस्कृतिक सहयोग के तहत अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ नाम से एक संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।
विदेश सचिव के अनुसार, दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। बातचीत में गाजा की मौजूदा स्थिति, ईरान में जारी घटनाक्रम और यमन के हालात प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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