अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को गाजा की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमास को अपने हथियार छोड़ने होंगे और शांति समझौते की शर्तें माननी होंगी।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर हमास अपने हिस्से का सीजफायर नहीं निभाता तो इजरायली सेना गाजा में लड़ाई दोबारा शुरू कर सकती है — “जैसे ही मैं कहूंगा।”
“मेरे कहते ही इजरायल वापस आ जाएगा”
टेबल पर मौजूद बयान के मुताबिक ट्रंप ने कहा, “जैसे ही मैं कहूंगा, इजरायल उन सड़कों पर वापस आ जाएगा। अगर इजरायल जाकर उन्हें हरा सकता है, तो वे ऐसा करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान संकट “जल्दी ठीक हो जाएगा” और अमेरिका ने कुछ हद तक इजरायल को लड़ाई से रोकना भी पड़ा। ट्रंप ने एक दिन पहले भी हमास को हथियार छोड़ने की चेतावनी दी थी।
हथियार छोड़ने की शर्त
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि निरस्ट्रिकीकरण (disarmament) इस समझौते की एक अहम शर्त है। हमास ने अब तक यह तर्क दिया है कि हथियार उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, लेकिन ट्रंप ने कहा कि समूह ने ही हथियार सौंपने पर सहमति जताई थी और अब उसे उसे पूरा करना होगा। उनके शब्दों में, “वो हथियार डालेंगे क्योंकि उन्होंने कहा था कि वे ऐसा करेंगे — और अगर नहीं डालते तो हम उन्हें हथियारमुक्त कर देंगे। वे जानते हैं कि मैं खेल नहीं खेल रहा।”
एक ‘नया ऐतिहासिक युग’
ट्रंप ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर मिलै के साथ द्विपक्षीय लंच के दौरान कहा कि गाजा में संघर्षविराम एक नए मिडिल ईस्ट के ‘ऐतिहासिक नए युग’ की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि अराजकता, आतंक और विनाश की ताकतें कमजोर हुई हैं और यह न सिर्फ इजराइल बल्कि फिलिस्तीनियों के लिए भी “एक बुरा सपना” खत्म होने जैसा है। ट्रंप ने फिलिस्तीनियों से आग्रह किया कि वे हिंसा और आतंक के रास्ते से हमेशा के लिए हट जाएं — यह उनके लिए एक सही मौका है।
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