मिनिमम बैलेंस: किस बैंक में कितनी रकम रखनी होगी, कहां फ्री — पूरी लिस्ट.
ICICI बैंक ने हाल ही में अपने सेविंग अकाउंट्स के लिए मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) में बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने कई गुना रकम बढ़ा दी है, जिससे सोशल मीडिया पर इसे “अमीरों का बैंक” कहा जाने लगा है। हालांकि MAB का नियम भारत में नया नहीं है — प्राइवेट और सरकारी, दोनों बैंक पहले से यह शर्त रखते आए हैं, और न मानने पर पेनल्टी भी वसूलते थे।
क्या है मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB)?
जब आप सेविंग अकाउंट खोलते हैं, बैंक एक तय औसत बैलेंस (मंथली) बनाए रखने की शर्त रखता है। इसे पूरा न करने पर पेनल्टी लगती है। रकम बैंक, लोकेशन और अकाउंट टाइप के हिसाब से अलग होती है।
ICICI बैंक के नए नियम
मेट्रो/अर्बन एरिया: ₹50,000 (पहले ₹10,000) — 5 गुना बढ़ोतरी
सेमी-अर्बन: ₹25,000 (पहले ₹5,000)
रूरल: ₹10,000 (पहले ₹5,000)
नियम न मानने पर पेनल्टी लागू होगी।
सरकारी बैंकों का हाल (फ्री MAB)
SBI: 5 साल पहले ही MAB खत्म कर दिया।
केनरा बैंक: जून 2025 से सभी सेविंग, सैलरी और NRI अकाउंट पर MAB खत्म।
इंडियन बैंक: 7 जुलाई 2025 से MAB खत्म।
PNB: 1 जुलाई 2025 से MAB खत्म।
बैंक ऑफ बड़ौदा: 1 जुलाई 2025 से नॉर्मल सेविंग अकाउंट पर MAB खत्म (प्रीमियम अकाउंट पर लागू)।
प्राइवेट बैंक के नियम
HDFC बैंक
अर्बन: ₹10,000
सेमी-अर्बन: ₹5,000
रूरल: ₹2,500
पेनल्टी: अर्बन में ₹600, सेमी-अर्बन/रूरल में ₹300 तक।
एक्सिस बैंक
सेमी-अर्बन/रूरल: ₹10,000
पेनल्टी: कमी पर 6% रकम, अधिकतम ₹600।
सरकारी बैंकों में ज्यादातर MAB खत्म कर दिया गया है, जबकि प्राइवेट बैंक अभी भी इसे लागू रखते हैं, और ICICI का नया नियम सबसे सख्त है।
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