असम के कार्बी आंगलोंग जिले में मंगलवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी।
दो गुटों के प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद हालात बेकाबू हो गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 पुलिसकर्मियों समेत कुल 45 लोग घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
हिंसा के बाद कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। इसके साथ ही निषेधाज्ञा (सेक्शन 163 BNSS) और नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक आवागमन पर रोक है। प्रशासन ने बुधवार से सेना की तैनाती का फैसला किया है।
कौन मारे गए?
अधिकारियों के अनुसार, 25 वर्षीय दिव्यांग युवक सुरेश दे का शव उस इमारत से बरामद किया गया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया था। दूसरे मृतक की पहचान अथिक तिमुंग के रूप में हुई है, जिनकी झड़पों के दौरान मौत हो गई।
क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आदिवासी बेल्ट की जमीन—Professional Grazing Reserve (PGR) और Village Grazing Reserve (VGR)—से कथित अवैध कब्जाधारियों को हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन जमीनों पर ज्यादातर बिहार से आए लोगों ने वर्षों से कब्जा कर रखा है। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारी पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिसे उन्होंने सरकार से बातचीत के बाद मंगलवार को समाप्त किया।
मुख्यमंत्री का बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने X पर लिखा,
“कार्बी आंगलोंग में आज हुई हिंसा में दो लोगों की मौत बेहद दुखद है। मैं हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हूं। बुधवार को खेरीनी इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देगी और समाधान संवाद के जरिए निकालने की कोशिश की जा रही है।
DGP पर हमला, 38 पुलिसकर्मी घायल
असम के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी और उन्हें हिंसा न करने का आश्वासन मिला था, लेकिन बाद में भीड़ ने बम फेंके, तीर चलाए और दुकानों में आगजनी की। उन्होंने कहा कि पथराव के दौरान उनके कंधे में भी चोट लगी। डीजीपी ने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैसे भड़की हिंसा?
सोमवार को खेरीनी बाजार में भीड़ ने 15 दुकानों और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के प्रमुख तुलेरम रोंघांग के घर में आग लगा दी थी। भीड़ ने पुलिस थाने पर भी हमला करने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया।
मंगलवार को एक गुट हिंसा के खिलाफ और दूसरा अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा। इसी दौरान दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया, जिसमें कई मीडियाकर्मी भी घायल हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इंटरनेट बंद, कर्फ्यू जारी
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। जिले में धारा 163 BNSS और रात का कर्फ्यू फिलहाल जारी है।
मामला अब कहां अटका है?
पिछले साल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे रोक दिया गया था। अब राज्य सरकार ने जल्द ही त्रिपक्षीय वार्ता कराने का आश्वासन दिया है।
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