दिल्ली-NCR में प्रदूषण के खिलाफ सालभर अभियान, हजारों KM सड़कें होंगी पक्की; 3,000 ई-बसें चलेंगी

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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अब सिर्फ सर्दियों में प्रतिबंध लगाने के बजाय पूरे साल एयरशेड आधारित उपायों पर जोर दिया जाएगा।

इसके तहत सड़क ढांचे में सुधार, इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अध्यक्ष विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि इस वर्ष करीब 3,000 किलोमीटर सड़कों को पूरी तरह पक्का करने और 3,000 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य सड़क से उड़ने वाली धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

पूरे साल कार्रवाई पर जोर

इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काइज के अवसर पर सोमवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘क्लीन एयर डायलॉग्स’ में विशेषज्ञों ने सालभर प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम का आयोजन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की रिसोर्स लैब और राहगिरी फाउंडेशन ने किया।

वक्ताओं ने कहा कि सर्दियों के दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत तत्काल कदम उठाए जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक प्रभावी परिणाम के लिए पूरे वर्ष संरचनात्मक उपाय जरूरी हैं।

इसके तहत उद्योगों में प्रदूषणकारी ईंधन की जगह स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करना, खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाना और परिवहन व्यवस्था को स्वच्छ ईंधन व इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना शामिल है।

एनसीआर राज्य मिलकर करेंगे काम

सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने कहा कि एनसीआर से जुड़े राज्य अब प्रदूषण नियंत्रण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और पूरे साल लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने बताया कि हरियाणा इस वर्ष अपने एनसीआर जिलों में करीब 440 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करेगा। इसके अलावा धान की पराली का इस्तेमाल उद्योगों में ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है, जिससे पराली जलाने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

  • कार्यक्रम का संचालन राहगिरी फाउंडेशन की सह-संस्थापक सारिका पांडा भट्ट ने किया।
  • सड़क और टिकाऊ परिवहन पर फोकस

सालभर चलने वाले प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राहगिरी फाउंडेशन ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत हरियाणा के एनसीआर जिलों में वायु प्रदूषण कम करने, टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देने और सड़क ढांचे के पुनर्निर्माण पर मिलकर काम किया जाएगा।

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