गुजरात के सूरत शहर में 28 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर राधिका कोटडिया की मौत का मामला सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, उन्होंने वेसू स्थित एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की 9वीं मंजिल पर बने कैफे से छलांग लगाकर जान दे दी। कैफे में मौजूद लोगों ने युवती को गिरते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
डॉ. राधिका एक निजी अस्पताल में काम करती थीं और जनवरी में उनकी सगाई व शादी होने वाली थी। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उनके और मंगेतर के बीच कुछ समय से तनाव चल रहा था। इसी कारण मानसिक दबाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया, हालांकि पुलिस अभी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
कैफे में 20–25 मिनट बिताए थे
CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि डॉक्टर राधिका शाम करीब 6:49 बजे कैफे में दाखिल हुईं, कुछ देर फोन पर बात की और रेलिंग की ओर बढ़कर कूद गईं। स्टाफ को प्रतिक्रिया देने का मौका नहीं मिला। वह पहले भी इस कैफे में कई बार मंगेतर के साथ आ चुकी थीं।
पोस्टमॉर्टम में नया खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, कूदने से पहले राधिका ने फ्यूमिगेंट टैबलेट (अनाज संरक्षण में इस्तेमाल होने वाली गोलियां) खाई थीं। सटीक कारणों और ज़हरीले पदार्थ के प्रभाव को समझने के लिए विसरा सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
CCTV फुटेज से यह भी पता चला कि कैफे में प्रवेश करने के दो मिनट भीतर उन्होंने टैबलेट निगल ली थी।
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
पुलिस ने राधिका का मोबाइल, कैफे का DVR और अन्य व्यक्तिगत दस्तावेज़ जब्त कर लिए हैं। WhatsApp चैट से पता चलता है कि उनके और मंगेतर के बीच पिछले दिनों बातचीत में तनाव बढ़ा था। एक संदेश में उन्होंने लिखा था: “माता-पिता को छोटी-छोटी बातें नहीं बताई जातीं…”
जांच में यह भी पाया गया कि दोनों के बीच वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम से नियमित संपर्क रहता था।
परिवार से पूछताछ, कई पहलुओं की जांच
पुलिस परिवार, दोस्तों और मंगेतर से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के असली कारणों का पता लगाया जा सके। अभी तक किसी प्रकार का आरोप या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
घटना से इलाके में शोक का माहौल है और यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और संबंधों में संवाद की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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