मेहुल चोकसी का गंभीर आरोप: “भारत ने एंटीगुआ में रची थी मेरे अपहरण की साजिश”
भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने एक बार फिर भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लंदन हाई कोर्ट में चल रही एक सुनवाई के दौरान चोकसी के वकीलों ने दावा किया कि 2021 में एंटीगुआ से उसका अपहरण भारत सरकार की सोची-समझी योजना थी। चोकसी फिलहाल बेल्जियम में गिरफ्तार है और भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी हुई है।
“भारत के पास थी साजिश की मंशा और साधन”
चोकसी के वकीलों ने अदालत में कहा, “इस अपहरण की योजना सिर्फ वही देश बना सकता है जिसके पास नीयत और संसाधन दोनों हों — और वह देश भारत है।”
उनका दावा है कि चोकसी को धोखाधड़ी के आरोपों में जबरन भारत ले जाने के लिए उसका एंटीगुआ से अपहरण कर डोमिनिका पहुंचाया गया था।
देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले में नाम
गौरतलब है कि मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। इन पर 13,850 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
चोकसी जनवरी 2018 में भारत छोड़कर भाग गया था और तब से भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में है। वहीं नीरव मोदी 2019 से लंदन की जेल में बंद है और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है।
भारत ने आरोपों को किया खारिज
भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट में दाखिल अपने दस्तावेज़ों में चोकसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा, “ऐसे किसी भी आरोप का कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है जिससे यह साबित हो कि भारत सरकार इस कथित अपहरण में शामिल थी।”
चोकसी ने लंदन में भारत सरकार के खिलाफ एक मुकदमा भी दर्ज कर रखा है जिसमें वह 2021 के घटनाक्रम को मानवाधिकार हनन और अवैध प्रताड़ना के रूप में पेश कर रहा है।
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