ओडिशा के गोपालपुर बीच पर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 10 आरोपी गिरफ्तार; नाबालिगों पर भी वयस्कों की तरह मुकदमे की तैयारी
ओडिशा के गंजम जिले के प्रसिद्ध गोपालपुर समुद्र तट पर रविवार रात एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई, जिसमें एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में शामिल सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं।
घटना का विवरण
यह वारदात रविवार रात करीब 9:30 बजे हुई जब पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ तट पर टहल रही थी। तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार 10 युवकों का एक समूह वहां पहुंचा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले जोड़े की तस्वीरें खींचीं और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पीड़िता के मित्र को बांध दिया और फिर पीड़िता के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न किया।
पीड़िता और उसके मित्र ने घटना के तुरंत बाद, रात लगभग 11 बजे गोपालपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं
बर्हामपुर के एसपी विवेक सरावना ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही सात आरोपियों को तुरंत हिरासत में लिया गया, और बाद में बाकी तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी गंजम जिले के हिंजिलीकट क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
- धारा 70(1) – सामूहिक बलात्कार
- धारा 296 – अश्लील कृत्य
- धारा 351(3) – गंभीर धमकी
- धारा 310(2) – आपराधिक संगठन से जुड़ाव
नाबालिगों पर वयस्कों की तरह मुकदमा
चार आरोपी जिनकी उम्र 17 वर्ष है, उन्हें किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने बोर्ड से आग्रह किया है कि इन पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जाए, क्योंकि यह अपराध ‘जघन्य’ श्रेणी में आता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने ओडिशा के डीजीपी वाई.बी. खुरानिया को पत्र भेजा है। आयोग ने:
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने,
पीड़िता को मुफ्त चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने,
और BNS की धारा 396 के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की है।
इसके अलावा तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी गई है।
यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है बल्कि महिला सुरक्षा और नाबालिग अपराधियों को लेकर कानूनी दृष्टिकोण की भी गंभीर परीक्षा है। ओडिशा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और NCW की सक्रियता से यह उम्मीद की जा रही है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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