IPS पूरन सिंह केस: सुसाइड से पहले वकीलों से की बातचीत, पत्नी तक कैसे पहुंची मौत की खबर — SIT ने उठाए बड़े सवाल
IPS पूरन कुमार केस: सुसाइड से पहले वकीलों से हुई बातचीत, मौत की जानकारी पत्नी तक कैसे पहुँची — SIT जांच में कई नए पहलू।
चंडीगढ़ पुलिस की SIT ने IPS पूरन कुमार की आत्महत्या मामले की जांच तेज कर दी है। अब तक 5 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, ये सभी IPS पूरन कुमार के स्टाफ से जुड़े हैं। SIT जल्द ही उनके परिवार के सदस्यों, पत्नी, दोनों बेटियों और साले अमित रत्न (पंजाब से आम आदमी पार्टी के विधायक) के बयान भी दर्ज करेगी। घटना के समय उनकी बेटी घर पर मौजूद थी और सबसे पहले उन्होंने ही अपने मामा अमित रत्न को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल पर सबसे पहले उनके साले पहुंचे और मौके पर पुलिस को अंदर जाने से मना किया।
सुसाइड नोट और फॉरेंसिक जांच
SIT ने IPS पूरन कुमार के दो मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए बरामद किए। मौके से 9mm की पिस्टल और एक खाली कारतूस भी बरामद हुआ, जिसे बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, सुसाइड नोट के हर पन्ने पर मौजूद साइन की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से पुष्टि करवाई जा रही है।
परिवार ने पुलिस को मौत की जानकारी क्यों नहीं दी
जांच के दौरान SIT यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि IPS पूरन कुमार की मौत की जानकारी परिवार के किसी सदस्य ने पुलिस को क्यों नहीं दी। दरअसल, चंडीगढ़ पुलिस को यह जानकारी हरियाणा पुलिस से मिली थी। IPS पूरन कुमार की पत्नी अमनीत ने घटना के बाद कई बार उनके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन न तो कॉल्स उठाईं और न ही परिवार ने पुलिस को तुरंत सूचित किया। SIT यह भी जांच कर रही है कि पत्नी को आखिर सूचना किसने दी।
सुसाइड से कुछ घंटे पहले वकीलों से हुई थी बातचीत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, IPS पूरन कुमार ने आत्महत्या से कुछ घंटे पहले वकीलों से बात की थी। SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस बातचीत में रोहतक में दर्ज FIR या भ्रष्टाचार के अन्य मामलों को लेकर चर्चा हुई थी। दरअसल, IPS पूरन कुमार और उनके गनर सुशील के खिलाफ एक दिन पहले रोहतक में FIR दर्ज की गई थी। इस FIR के बाद उनके गनर को गिरफ्तार भी किया गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन मामलों और FIR का दबाव IPS पूरन कुमार पर आत्महत्या का कारण हो सकता है।
जांच की दिशा
SIT अब यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय और उसके बाद परिवार और स्टाफ की भूमिका क्या थी, वकीलों के साथ हुई बातचीत का संबंध क्या था, और IPS पूरन कुमार पर पड़े दबावों ने उनके निर्णय को प्रभावित किया या नहीं।
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