बांग्लादेश: संसद के पास प्रदर्शनकारी भड़क उठे, पुलिस वाहन और परिसर पर हमला

1

बांग्लादेश में शुक्रवार को संसद के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं।

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, ध्वनि ग्रेनेड और लाठियों का इस्तेमाल किया। जब प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र खाली करने से इंकार किया, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें संसद परिसर से बाहर खदेड़ा।

झड़प की घटनाएं

प्रदर्शनकारी सुबह संसद परिसर के मुख्य द्वार को फांदकर अंदर घुस गए और मंच के सामने जमा हो गए।

उन्होंने कम से कम दो पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया, अस्थायी स्वागत कक्ष, नियंत्रण कक्ष और फर्नीचर में आग लगा दी।

पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को लाठियों से पीटा और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

जुलाई चार्टर और राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विरोध जुलाई चार्टर नामक संयुक्त घोषणा पत्र के हस्ताक्षर समारोह के दौरान हुआ। इस चार्टर पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हस्ताक्षर किए और इसे “नए बांग्लादेश” के निर्माण का प्रतीक बताया।

इस समारोह का बहिष्कार छात्र-नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने किया।

चार्टर पर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी समेत 25 दलों ने हस्ताक्षर किए।

चार्टर में 80 से अधिक सुधार प्रस्ताव शामिल हैं, जो राष्ट्रीय सहमति आयोग और राजनीतिक दलों की लंबी बातचीत के बाद तैयार किए गए।

विवाद और विरोध

एनसीपी ने आरोप लगाया कि चार्टर पर हस्ताक्षर किए जाने से पहले कानूनी आधार सुनिश्चित नहीं किया गया। पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल “राष्ट्रीय सहमति” के नाम पर धोखा दे रहे हैं।

हस्ताक्षर समारोह से कुछ घंटे पहले राष्ट्रीय सहमति आयोग ने चार्टर में संशोधन किया, जिसमें जुलाई के विद्रोहियों को क्षमा देने का प्रावधान और “फासीवादी अवामी लीग” शब्द जोड़ा गया।

बावजूद इसके, एनसीपी ने चार्टर पर हस्ताक्षर करने से इंकार किया।

इस प्रकार, संसद परिसर में विरोध और हिंसा के बीच जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर का समारोह संपन्न हुआ, लेकिन राजनीतिक मतभेद और प्रदर्शनकारियों की नाराजगी ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।

Comments are closed.