इजरायल ने एक बार फिर गाजा पर हवाई हमले शुरू किए हैं। शनिवार, 22 नवंबर को इजरायली सेना ने हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए नई एयरस्ट्राइक की पुष्टि की।
यह कार्रवाई उस दौरान हुई जब 10 अक्टूबर से लागू संघर्ष विराम की शर्तें अभी भी प्रभावी हैं। माना जा रहा है कि इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में हमास के पांच लड़ाके मारे गए हैं।
यह कदम उस समय उठाया गया है जब गाजा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दबाव जारी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 17 नवंबर को अमेरिका की उस योजना को मंजूरी दे चुकी है, जिसका उद्देश्य गाजा में सुरक्षा बहाल करना और प्रशासनिक ढांचा सुधारना है।
24 लोगों की मौत, कई बच्चे घायल
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इजरायली हमलों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है और 45 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। शिफा अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, गाजा शहर के रिमल इलाके में एक वाहन पर किए गए हमले में सात फिलिस्तीनी मारे गए। अस्पताल निदेशक मोहम्मद अबू सेल्मिया ने बताया कि घायलों में अधिकतर बच्चे हैं।
घायल और मौतें कई इलाकों से रिपोर्ट
- अल-अवदा अस्पताल के पास एक घर पर हमले में 3 लोगों की मौत और 11 घायल
- नुसेरात शरणार्थी शिविर में मकान पर हमले में एक बच्चे की मौत, 16 घायल
- दीर अल-बलाह में एक महिला सहित 3 लोगों की मौत
- कई अस्पतालों के आसपास भी हमलों की सूचना मिली है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।
- इजरायल का दावा: ‘सशस्त्र घुसपैठिए’ के जवाब में कार्रवाई
इजरायली सेना ने बयान जारी कर कहा कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि एक “सशस्त्र आतंकवादी” दक्षिणी गाजा से इजरायल-नियंत्रित क्षेत्र में घुस आया था और सैनिकों पर गोलीबारी की।
सेना के अनुसार:
मानवीय सहायता मार्ग का उपयोग कर घुसपैठ की गई
रफा क्षेत्र में तीन हमलावर मारे गए
उत्तरी गाजा में दो अलग-अलग घटनाओं में चार घुसपैठियों पर गोलीबारी हुई, जिनमें दो की मौत हुई
किसी भी इजरायली सैनिक को चोट नहीं आई।
हमास ने लगाए आरोप
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य इज़्ज़त अल-रिश्क ने आरोप लगाया कि इजरायल संघर्ष विराम को तोड़ने के बहाने खोज रहा है और युद्ध की स्थिति दोबारा पैदा कर रहा है।
हमास ने अमेरिका समेत मध्यस्थ देशों से अपील की है कि वे इजरायल पर समझौते का पालन करवाने के लिए दबाव डालें।
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