उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी बरकरार, कोहरे से मिली हल्की राहत; पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। बीते कुछ दिनों से घने और अति घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया था। हालांकि मंगलवार सुबह ठंड के बीच कोहरे से कुछ हद तक राहत जरूर देखने को मिली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में घने से अति घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। वहीं बिहार, पश्चिमी यूपी, सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में विजिबिलिटी 50 से 199 मीटर के बीच रही।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
IMD के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आंतरिक ओडिशा के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले सात दिनों के दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे।
इन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 23 जनवरी के आसपास पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसका असर मैदानी क्षेत्रों तक भी पहुंचेगा। 22 से 24 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
घने कोहरे की चेतावनी जारी
IMD ने अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार के कुछ हिस्सों में बहुत घने कोहरे की संभावना जताई है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे का असर बना रह सकता है। फिलहाल शीतलहर की चेतावनी केवल हिमाचल प्रदेश के लिए जारी की गई है।
तीसरे दिन पंजाब, हरियाणा और बिहार के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चौथे दिन कोई विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि पांचवें दिन से पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर भारत में मौसम फिर से बिगड़ सकता है।
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून थमने के संकेत
देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम अलग रुख अपना रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश के थमने के संकेत मिल रहे हैं।
फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का मुख्य केंद्र उत्तरी पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है और इससे प्रेरित एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य राजस्थान में भी देखा जा रहा है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम 135 नॉट की रफ्तार से सक्रिय है, जो क्षेत्रीय मौसम बदलाव में अहम भूमिका निभा रही है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं छठे दिन कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है। 24 जनवरी को उत्तराखंड में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है।
तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहने के बाद चार दिनों में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। गुजरात और पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जबकि मध्य भारत में भी चार दिनों के बाद हल्की गर्मी महसूस होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में कोहरा फिलहाल बना रहेगा, पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी के आसार हैं और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ा सकती है। IMD ने आने वाले सप्ताह में मौसम के बड़े बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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