बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी सोमवार से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
राजस्व सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में यह फैसला लिया है। संघ ने इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पहले ही लिखित सूचना दे दी है। संघ का दावा है कि राजस्व सेवा अधिकारियों के समर्थन में राजस्व कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे, जिससे जमीन से जुड़े प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है। संघ ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि लंबे समय से उनके संवर्ग के अधिकारियों की अनदेखी की जा रही है।
संघ के अनुसार, जिन पदों को पहले बिहार राजस्व सेवा के लिए स्वीकृत किया गया था, उन पर बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा अंचलाधिकारी के बाद के महत्वपूर्ण पद डीसीएलआर (उप समाहर्ता भूमि सुधार) पर भी राजस्व सेवा अधिकारियों को मौका नहीं दिया जा रहा है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले में पटना हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी की जा रही है। हाई कोर्ट ने पिछले साल जून में डीसीएलआर पदों पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों की तैनाती का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन है।
इसी बीच राज्य सरकार द्वारा राजस्व सेवा अधिकारियों के लिए अनुमंडल राजस्व अधिकारी का नया पद सृजित किया गया है, जिसे लेकर भी संघ ने आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि यह पद सृजन उनकी मूल मांगों से ध्यान भटकाने वाला कदम है और उन्हें यह व्यवस्था स्वीकार नहीं है।
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